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नर्मदा जन्मोत्सव: बड़वानी में नर्मदा को 1100 मीटर चुनरी चढ़ाई, नेमावर में मंगलवार को होंगे आयोजन
Mon, 07 Feb 2022 04:59 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 07 Feb 2022 04:59 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा के प्रति भक्तों की अपार श्रद्धा है। बड़वानी में मां नर्मदा का जन्मोत्सव शहर के समीप रोहिणी तीर्थ पर उल्लास पूर्वक मनाया गया। नेमावर स्थित नर्मदा के नाभिस्थल में कल नर्मदा जयंती मनाई जाएगी।
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बड़वानी में मां नर्मदा का अभिषेक किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा के प्रति भक्तों की अपार श्रद्धा है। बड़वानी, औंकारेश्वर होशंगाबाद में आज नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया गया। नेमावर स्थित नर्मदा के नाभिस्थल में कल नर्मदा जयंती मनाई जाएगी।
घाटों की आकर्षक सजावट भी की गई थी।
- फोटो : अमर उजाला
रंग-बिरंगे घाटों ने मन मोहा
मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाने घाटों पर बड़ी संख्या में भक्त सुबह से ही पहुंच गए थे। नर्मदा के घाटों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया था। घाटों पर रंगोली बनाई गई, रंग-रोगन किया गया। गुब्बारों से पूजा स्थल सजाया गया।
मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाने घाटों पर बड़ी संख्या में भक्त सुबह से ही पहुंच गए थे। नर्मदा के घाटों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया था। घाटों पर रंगोली बनाई गई, रंग-रोगन किया गया। गुब्बारों से पूजा स्थल सजाया गया।
विधि विधान से मां नर्मदा का पूजन किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
घाटों पर पैर रखने की भी जगह नहीं
बड़वानी में नर्मदा दर्शन और स्नान करने वालों का भी तांता लगा रहा। घाटों पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। 108 राम बाबा के सान्निध्य में मां नर्मदा को 1100 मीटर चुनरी अर्पण की गई। इस मौके पर गाय के दूध से अभिषेक किया गया।
बड़वानी में नर्मदा दर्शन और स्नान करने वालों का भी तांता लगा रहा। घाटों पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। 108 राम बाबा के सान्निध्य में मां नर्मदा को 1100 मीटर चुनरी अर्पण की गई। इस मौके पर गाय के दूध से अभिषेक किया गया।
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पूजन के बाद कन्या भोज का आयोजन भी किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
कन्या भोजन का आयोजन
बड़वानी में मां नर्मदा का जन्मोत्सव शहर के समीप रोहिणी तीर्थ पर उल्लास पूर्वक मनाया गया। 11:30 बजे मां नर्मदा की सामूहिक आरती हुई। इसके बाद कन्या भोजन और विशाल प्रसादी भंडारे की शुरुआत हुई। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण चौहान, नर्मदा भक्त अजय सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
बड़वानी में मां नर्मदा का जन्मोत्सव शहर के समीप रोहिणी तीर्थ पर उल्लास पूर्वक मनाया गया। 11:30 बजे मां नर्मदा की सामूहिक आरती हुई। इसके बाद कन्या भोजन और विशाल प्रसादी भंडारे की शुरुआत हुई। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण चौहान, नर्मदा भक्त अजय सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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चुनरी पदयात्रा के दौरान समिति के सदस्य 2100 फीट चुनरी को हाथों में लिए आगे बढ़ रहे थे।
- फोटो : अमर उजाला
जबलपुर में जयकारों के साथ निकली यात्रा, 2100 फीट की चुनरी चढ़ाई
जबलपुर के रांझी से चुनरी पदयात्रा निकाली गई। समिति के सदस्यों ने 2100 फीट चुनरी चढ़ाई। मां नर्मदा के जयकारों के साथ निकली पदयात्रा जनाकर्षण का केंद्र भी रही। नर्मदा भक्त भी चुनरी को स्पर्श करते अपनी आस्था प्रकट करते दिखे। रांझी बड़ा पत्थर से सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई चुनरी पदयात्रा दोपहर तीन बजे बजे सिद्धधाम ग्वारीघाट पहुंची। जहां मां नर्मदा का पूजन अर्चन आरती कर चुनरी अर्पण की गई। नाव के सहारे चुनरी एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाकर मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई गई। जिसके पश्चात भंडारा प्रसाद वितरण कर सभी नर्मदा भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
8 फरवरी को नेमावर में आयोजन
नर्मदा जयंती के लिए देवास जिले के नेमावर में तैयारियां हो चुकी हैं। 8 फरवरी को यहां नर्मदा जयंती मनाई जाएगी। नेमावर का महत्व इसलिए है क्योंकि यहां नर्मदा का नाभि स्थल है। इस कारण यहां दर्शन के लिए करीब 50 हजार लोग पहुंचते हैं। जामुन के पत्तों का मंडप तैयार किया जा रहा है। इसमें मां नर्मदा की प्रतिमा रहेगी। 1100 नामों से सहस्त्रार्चन कर नर्मदा का पूजन किया जाएगा। कई सालों से यह परंपरा जारी है।
जबलपुर के रांझी से चुनरी पदयात्रा निकाली गई। समिति के सदस्यों ने 2100 फीट चुनरी चढ़ाई। मां नर्मदा के जयकारों के साथ निकली पदयात्रा जनाकर्षण का केंद्र भी रही। नर्मदा भक्त भी चुनरी को स्पर्श करते अपनी आस्था प्रकट करते दिखे। रांझी बड़ा पत्थर से सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई चुनरी पदयात्रा दोपहर तीन बजे बजे सिद्धधाम ग्वारीघाट पहुंची। जहां मां नर्मदा का पूजन अर्चन आरती कर चुनरी अर्पण की गई। नाव के सहारे चुनरी एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाकर मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई गई। जिसके पश्चात भंडारा प्रसाद वितरण कर सभी नर्मदा भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
8 फरवरी को नेमावर में आयोजन
नर्मदा जयंती के लिए देवास जिले के नेमावर में तैयारियां हो चुकी हैं। 8 फरवरी को यहां नर्मदा जयंती मनाई जाएगी। नेमावर का महत्व इसलिए है क्योंकि यहां नर्मदा का नाभि स्थल है। इस कारण यहां दर्शन के लिए करीब 50 हजार लोग पहुंचते हैं। जामुन के पत्तों का मंडप तैयार किया जा रहा है। इसमें मां नर्मदा की प्रतिमा रहेगी। 1100 नामों से सहस्त्रार्चन कर नर्मदा का पूजन किया जाएगा। कई सालों से यह परंपरा जारी है।
