रानी दुर्गावती अभयारण्य से पहचाने जाने वाले प्रदेश के सबसे बड़े नौरादेही अभयारण्य में आज एक अक्टूबर से पर्यटक बाघों के दीदार कर सकेंगे। तीन महीने बाद यह अभयारण्य सैलानियों के लिए खुल गया है। प्रदेश के सातवें टाइगर रिजर्व और बुंदेलखंड के दूसरे टाइगर रिजर्व का तमगा इस अभयारण्य को मिला है, क्योंकि नौरादेही और दमोह के रानी दुर्गावती अभयारण्य को मिलाकर नया टाइगर रिजर्व बन गया है। अभी तक इस अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 1200 वर्ग किलोमीटर था, लेकिन अब यह 2339 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
इस वर्ष इस अभयारण्य में जानवरों की तादाद में भी दोगनी वृद्धि होगी।
25 सितंबर तक नौरादेही अभयारण्य की सीमा सीमित थी, लेकिन अब रानीदुर्गावती अभयारण्य मिलने के बाद इसका पूरा भाग दोगुना हो गया है। कुछ दिन पूर्व तक व्यारमा नदी के उस पार का भाग अभयारण्य का हिस्सा कहलाता था, लेकिन अब इसमें तेंदूखेड़ा और जबेरा ब्लॉक में आने वाली रेंजों का हिस्सा भी जुड़ गया है। इसलिये ये क्षेत्रफल और जानवरों की सख्या में देगुना हो चुका है। राष्ट्रीय अभयारण्य के लिए सीमाएं भी बढ़ चुकी हैं, लेकिन अभी तक कर्मचारी वही हैं। अंदाजा ये लगाया जा रहा है कि एक माह के अंदर तेंदूखेड़ा और जबेरा ब्लॉक के अधीन आने वाला जंगल दो सीमाओं में बंट जाएगा। एक रानी दुर्गावती राष्ट्रीय अभयारण्य की सीमा वहीं दूसरी सीमा दमोह जिले के समान वनमंडल की रहेगी।
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नौरादेही अभयारण्य में 15 बाघ हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
व्यारमा नदी के उस पर है बाघों का बसेरा
अभयारण्य में अब दमोह जिले का काफ़ी भाग शामिल हो गया है। नौरादेही में आज 15 बाघ, बाघिन का परिवार व्यारमा के उस पार अपना बसेरा बनाए हुए हैं। इसके अलावा यहां तेंदुआ भी है। भालू, चीतल, नीलगाय, लकड़बघा ये जानवर आज भी नौरादेही के साथ रानी दुर्गावती अभयारण्य में बड़ी तादाद में थे, लेकिन दोनों अभयारण्य एक होने के बाद इनकी संख्या दोगनी हो गई है।
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अन्य जानवरों के लिए भी नौरादेही अभयारण्य मुफीद जगह है।
- फोटो : सोशल मीडिया
नए मेहमान के आगमन की आ रही खबर
रानी दुर्गावती अभयारण्य बनने के बाद अब तेजी से कार्य हो रहे हैं और सूत्रों से ये भी पता चल रहा है कि इस राष्ट्री अभयारण्य में भविष्य में अनेक तरह के जानवर के साथ चीता भी आ सकते हैं। इसके लिए नौरादेही के बड़े अधिकारी भी प्रशिक्षण के लिए विदेश जाएंगे। साथ ही बाघिन राधा की एक बेटी के गर्भवती होने की जानकारी भी सामने आ रही है और कुछ ही दिनों में कुछ नए मेहमान इस नए टाइगर रिजर्व में दखने मिलेंगे। नौरादेही के उप वनमंडल अधिकारी सेवाराम मलिक ने बताया कि अभयारण्य एक अक्टूबर से खुल गया है। इस वर्ष काफ़ी बदलाव होने वाले हैं और नए टाइगर रिजर्व का दीदार करने बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचेंगे।
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