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सीहोर शिव महापुराण: कथा में बताई धतूरे की महिमा तो दो रुपये का धतूरा 20 रुपये तक में बिका

Sat, 05 Mar 2022 03:09 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 05 Mar 2022 03:09 PM IST
सार

सीहोर में जारी शिव महापुराण के पांचवें दिन फुलेरा दूज मनाई गई। कथा के दौरान पूजा में भगवान शिव को चढ़ने वाली वस्तुओं में धतूरा की बड़ी महिमा बताई गई। वहीं कथा के बाहर दो रुपये में बिकने वाला धतूरा 20 रुपये तक बिका।
 

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Sehore Shiv Mahapuran: The glory of Datura told in the story, then Datura worth two rupees was sold for 20 rupees
सीहोर में चल रही शिव महापुराण में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। - फोटो : अमर उजाला
सीहोर में जारी शिव महापुराण के पांचवें दिन फुलेरा दूज मनाई गई। कथा के दौरान पूजा में भगवान शिव को चढ़ने वाली वस्तुओं में धतूरा की बड़ी महिमा बताई गई। वहीं कथा के बाहर दो रुपये में बिकने वाला धतूरा 20 रुपये तक बिका।


कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी सात दिवसीय शिव महापुराण में शुक्रवार को भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिवभक्त अपने भोले को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने को हर जतन करते हैं। इसमें पूजा और जलाभिषेक सर्वोपरि है। पूजा में भगवान शिव को चढ़ने वाली वस्तुओं में धतूरा की बड़ी महिमा बताई गई है। पुराणों के अनुसार भगवान शिव को एक धतूरा चढ़ाने का महत्व तरह-तरह के लाभ होते हैं। आज फुलेरा दूज है उसके द्वारा पूजा-अर्चना से हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
Sehore Shiv Mahapuran: The glory of Datura told in the story, then Datura worth two rupees was sold for 20 rupees
फुलेरा दूज के मौके पर धतूरे की मांग रही। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यही वह जन्म है जिसमें इंसान जो चाहे पा सकता है। हम बगैर मुहूर्त के जन्म लेते हैं और बगैर मुहूर्त के हमारी मृत्यु भी हो जाएगी। इसके बाद भी हम अपना समस्त जीवन बिना लक्ष्य के ही काट देते हैं। जब तक शिव की कृपा नहीं होती तब तक जीवन सफलता नहीं मिलती है।

अच्छाई और बुराई आपके भीतर है
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि एक बार गुरु ने युधिष्ठिर को कहा पांच गांव जाकर बुरे लोगों की लिस्ट बनाओ। दुर्योधन को भी उन्हीं पांच गांव जाकर अच्छे लोगों की लिस्ट बनाने को कहा, लेकिन दोनों खाली हाथ ही आए। युधिष्ठिर के भीतर अच्छाई थी, तो वह बुराई नहीं देख पाया और दुर्योधन के भीतर बुराई थी तो वह अच्छाई नहीं देख पाया। अच्छाई-बुराई, शांति-अशांति बाहर से भीतर नहीं, बल्कि भीतर से बाहर की तरफ जाती है। जीवन में जो घटता है उसके जिम्मेदार हम खुद ही होते हैं। अशांति पहले भीतर है, तभी बाहर कोई व्यक्ति उसको प्रकट कर सकता है, लेकिन यदि भीतर शांति है, तो सारा जगत मिलकर भी मुझे अशांत नहीं कर सकता। जो हमारे भीतर होता है वहीं बाहर आता है, जो भीतर है ही नहीं वो बाहर कैसे आ सकेगा। इसलिए पत्नी को अपनी अशांति का जिम्मेदार नहीं ठहराओ, बल्कि अपने भीतर उस अशांति के बीज को नाश करने की कोशिश करो। शुक्रवार को इछावर विधायक करण सिंह वर्मा भी पहुंचे। उन्होंने मिश्रा से आशीर्वाद लिया और कहा कि रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम कोई नहीं रोक सकता।
 
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इछावर विधायक करण सिंह वर्मा भी पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला
समिति करेगी दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल का वितरण
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि शनिवार को शिव महापुराण के छठे दिन भागवत भूषण पंडित मिश्रा के द्वारा दिव्यांगों को ट्राइ साइकिल, महिला समूह को सिलाई मशीन के अलावा आधा दर्जन जरूरतमंद विद्यार्थियों की एक साल की फीस का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा शिव महापुराण के दौरान भगवान गणेश के विवाह का प्रसंग का वर्णन भी किया जाएगा।
 
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