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उज्जैन गौरव दिवस: किसी का नाम लिए बगैर बोले सीएम- अगर केवल बंद करने से शराब बंद हो जाएगी तो मैं एक दिन भी नहीं लगाता...
Sun, 03 Apr 2022 12:47 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 03 Apr 2022 12:47 PM IST
सार
उज्जैन गौरव दिवस के कार्यक्रम में धर्मनगरी अवंतिका का सौंदर्य चरम पर रहा। इस आयोजन में सीएम शिवराज ने कैलाश खेर के साथ सुर भी मिलाए। किसी का नाम लिए बिना सीएम ने यह भी कहा कि अगर बंद करने से ही दारू बंद हो जाती तो मैं एक दिन भी नहीं लगाता।
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गौरव दिवस पर इस तरह जगमग थी धर्मनगरी उज्जैन।
- फोटो : सोशल मीडिया
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गुड़ी पड़वा पर धर्म नगरी अवंतिका का सौंदर्य देखकर हर कोई स्तब्ध था। पहली बार इस नगरी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा था जिसमें अतिथि के रूप में मप्र के मुखिया शिवराज सिंह चौहान उपस्थित थे। ख्यात गायक कैलाश खेर ने भजनों से समां बांधा। इधर सीएम ने कई तरह की बातें मंच से की लेकिन शराबबंदी को लेकर इशारों ही इशारों में बड़ी बात कह गए।
कैलाश खेर के साथ सुर मिलाते सीएम शिवराज
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, गुड़ी पड़वा पर उज्जैन का गौरव दिवस मनाया गया। पहली बार यह आयोजन किया गया। शाम से शुरू हुआ आयोजन रात तक चला। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी इसमें शामिल हुए। उन्होंने गौरव दिवस व विक्रमोत्सव के समापन समारोह में शिरकत की। शिप्रा नदी के बीच यह आयोजन हुआ जो रंगारंग लाइटिंग से सराबोर था। इस आयोजन में पार्श्व गायक कैलाश खेर ने अपने बैंड कैलासा के साथ एक से बढ़कर एक सुंदर भजन गाए। इस दौरान उन्होंने माइक सीएम के सामने किया और सीएम शिवराज भी सुर में सुर मिलाने लगे।
कार्यक्रम में पहुंचने पर सीएम ने किया अभिवादन
- फोटो : सोशल मीडिया
सीएम शिवराज ने नशा मुक्ति, भिक्षावृत्ति रोकने के संबंध में बात कही। हिन्दी को बढ़ावा देने की बात कही और गुंडे-बदमाशों को चेतावनी भी दे डाली। उन्होंने यह भी कहा कि अवंतिका नगरी तीनों लोकों में न्यारी है। आज उज्जैन में गौरव दिवस मन रहा है। हमारा असली नया साल वर्ष प्रतिपदा है। आज के दिन से ही सृष्टि का प्रारंभ हुआ था, उज्जैन तब से ही है। यह किसी को नहीं भूलना चाहिए कि उज्जैन कालगणना की नगरी है। उज्जैन का गौरव हमें गौरवान्वित करता है। कृष्ण यहां शिक्षा ग्रहण करने आए। शिप्रा नदी का शुद्धीकरण करने की बात कही और इसके दोनों तरफ वृक्ष लगाने का आश्वासन दिया।
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संबोधित करते सीएम शिवराज।
- फोटो : सोशल मीडिया
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा चलाए जा रहे शराबबंदी अभियान को लेकर सीएम ने इशारों ही इशारों में बिना किसी का नाम लिए कहा कि मेरा बस चले और यह विश्वास हो जाए कि केवल दारू बंद करने से बंद हो जाएगी तो मैं एक दिन भी नहीं लगाता। लेकिन, ऐसा होता नहीं है। इसीलिए पहले नशा-मुक्त समाज बनाएंगे। लोग नशा छोड़ेंगे, तो अपने आप दुकानें बंद हो जाएंगी। आप चिंता मत करो। इस मामले में आप अपनी राय दे सकते हैं। गरीब बच्चों को लेकर कहा कि गरीब के बच्चों की पढ़ाई के लिए एक संकल्प लेता हूं। ऐसे बच्चों का प्रवेश शुल्क और पूरी शिक्षा के लिए फीस मामा भरेगा।
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नदी के बीच बनाया गया था मंच
- फोटो : सोशल मीडिया
लोग अमीर होते जा रहे और हंसी छोटी होती जा रही
ख्यात पार्श्व गायक कैलाश खेर ने कहा कि पहली बार नदी के बीच गा रहा हूं। अगर मैं गायक नहीं होता तो वृक्ष होता। पीप, नीम, या वटवृक्ष। अगर हम जागे हुए मनुष्य हैं तो हमें परमात्मा ने एक लक्ष्य दिया है। परमात्मा कहता है कि अगर तू जगा है तो फिर जगाने का कार्य कर। कश्मीर फाइल फिल्म को लेकर कहा कि कश्मीर फाइल्स जैसी कई और भी फाइल हैं, जिन्हें लोग पहले देख नहीं रहे थे। मगर अब देखने लगे हैं। मनुष्य की आंखे तो युगों- युगों से हैं, मगर दृष्टि नहीं थीं। अब देशवासियों की दृष्टि जाग गई है। हमने हमारा नायक चुनना प्रारंभ कर दिया है। आधुनिक भारत के पहले नायक नरेंद्र मोदी हैं, जिनका लोहा पूरा विश्व मान रहा है। अब यज्ञ हो रहे, विद्या के मंदिर बन रहे हैं, गोशालाएं बन रही हैं। अब मनुष्य को मनुष्य होने का गर्व हो रहा है। वे बोले कि यूक्रेन और रूस के झगड़े में भी आशाएं भारत के साथ जुड़ी हुई हैं। अगर ईश्वर ने चाहा तो भारत के माध्यम से ही शांति स्थापित होगी। महाकाल की नगरी में पहले कालिदास समारोह और अब विक्रमोत्सव में प्रस्तुति पर खेर बोले- जब-जब भोलेनाथ की नगरी में गाता हूं तो लगता देवलोक में संगीत सभा चल रही है। जीवन जीने का मूल मंत्र विद्या है। वर्तमान में देख रहे हैं जैसे जैसे लोग अमीर होते हैं, हंसी छोटी होती चली जाती है। हमें हर पल जीना चाहिए, मुस्कुराना चाहिए।
ख्यात पार्श्व गायक कैलाश खेर ने कहा कि पहली बार नदी के बीच गा रहा हूं। अगर मैं गायक नहीं होता तो वृक्ष होता। पीप, नीम, या वटवृक्ष। अगर हम जागे हुए मनुष्य हैं तो हमें परमात्मा ने एक लक्ष्य दिया है। परमात्मा कहता है कि अगर तू जगा है तो फिर जगाने का कार्य कर। कश्मीर फाइल फिल्म को लेकर कहा कि कश्मीर फाइल्स जैसी कई और भी फाइल हैं, जिन्हें लोग पहले देख नहीं रहे थे। मगर अब देखने लगे हैं। मनुष्य की आंखे तो युगों- युगों से हैं, मगर दृष्टि नहीं थीं। अब देशवासियों की दृष्टि जाग गई है। हमने हमारा नायक चुनना प्रारंभ कर दिया है। आधुनिक भारत के पहले नायक नरेंद्र मोदी हैं, जिनका लोहा पूरा विश्व मान रहा है। अब यज्ञ हो रहे, विद्या के मंदिर बन रहे हैं, गोशालाएं बन रही हैं। अब मनुष्य को मनुष्य होने का गर्व हो रहा है। वे बोले कि यूक्रेन और रूस के झगड़े में भी आशाएं भारत के साथ जुड़ी हुई हैं। अगर ईश्वर ने चाहा तो भारत के माध्यम से ही शांति स्थापित होगी। महाकाल की नगरी में पहले कालिदास समारोह और अब विक्रमोत्सव में प्रस्तुति पर खेर बोले- जब-जब भोलेनाथ की नगरी में गाता हूं तो लगता देवलोक में संगीत सभा चल रही है। जीवन जीने का मूल मंत्र विद्या है। वर्तमान में देख रहे हैं जैसे जैसे लोग अमीर होते हैं, हंसी छोटी होती चली जाती है। हमें हर पल जीना चाहिए, मुस्कुराना चाहिए।
