{"_id":"6214d0f56850b104e9231a27","slug":"ujjain-sangh-chief-bhagwat-inaugurated-the-training-center-of-vidya-bharati-22-thousand-teachers-will-take-training-here","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उज्जैन: संघ प्रमुख भागवत ने किया विद्या भारती के प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण, 22 हजार शिक्षक यहां लेंगे प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जैन: संघ प्रमुख भागवत ने किया विद्या भारती के प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण, 22 हजार शिक्षक यहां लेंगे प्रशिक्षण
Tue, 22 Feb 2022 05:33 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 22 Feb 2022 05:33 PM IST
सार
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चिंतामण स्थित विद्या भारती के प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण केंद्र किया। इस केंद्र में 22 हजार शिक्षक प्रतिवर्ष प्रशिक्षण लेंगे। इसके अलावा संघ कायार्लय में श्री गुरुतेगबहादुर महाराज के चित्र का अनावरण किया।
विज्ञापन
विद्या भारती के प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण करते भागवत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के उज्जैन पहुंचे आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगल वार को विद्या भारती के नए प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। इस केंद्र में प्रतिवर्ष 22 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उज्जैन संघ कार्यालय में किया गुरुतेगबहादुर महाराज के चित्र का अनावरण
- फोटो : सोशल मीडिया
गुरु तेगबहादुर महाराज के चित्र का किया अनावरण
मंगलवार को ही संघ प्रमुख भागवत संघ कार्यालय आराधन भवन पहुंचे। संघ कार्यालय में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरुतेगबहादुर महाराज के चित्र का अनावरण किया। उल्लेखनीय है कि यह वर्ष गुरु तेगबहादुर साहिब की जन्मजयंती का 400वां प्रकाश पर्व वर्ष भी है। सनातन धर्म की रक्षा हेतु गुरु साहेब द्वारा अपना बलिदान देकर और बाद में दसवें गुरु साहेब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने खालसा पंथ की सर्जना कर मुगल आक्रांताओं से सशस्त्र संघर्ष कर पूरे भारतवर्ष में सनातन धर्म की रक्षा की थी। इस दौरान सिख समाज के लोगों ने उनसे मुलाकात की और स्वागत भी किया।
महाकाल मंदिर में पुजारी परिवार ने किया था संघ प्रमुख का स्वागत
- फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 19 फरवरी की रात को उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने उज्जैन पहुंचकर मालवा प्रांत के स्वयंसेवकों की बैठक ली थी जिसमें कई विषयों पर चर्चा हुई थी। इस्कॉन मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए थे। महाकाल मंदिर भी पहुंचे थे और भस्मारती में शामिल हुए थे। महाकाल मंदिर समिति से मंदिर के संबंध में चर्चा कर जानकारी ली थी। मंदिर समिति की ओर से अधिकारियों ने उन्हें चांदी का प्रतीक चिह्न भेंट किया था। गर्भगृह में पूजन के दौरान मंदिर के पुजारी व अभा पुजारी महासंघ के अध्यक्ष पं.महेश पुजारी ने संघ प्रमुख से मंदिरों को सरकारी करण से मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंदिरों में वंश परंपरा को कायम रखते हुए सरकारीकरण को समाप्त किया जाना चाहिए। महेश गुरु ने बताया कि उनके आग्रह को संघ प्रमुख ने ध्यान से सुना और कहा कि इस दिशा में काम चल रहा है। पुजारियों की ओर से उन्हें रुद्राक्ष की माला पहनाई गई।पुजारियों ने मांग रखी थी कि मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघ कार्यालय में सिख समाज के लोगों के साथ भागवत
- फोटो : सोशल मीडिया
गौमाता से जुड़े उत्पादों पर दिया जोर
मालवा प्रांत के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक में संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि हमें गौमाता से जुड़े उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए और इसका प्रचार-प्रसार भी करना चाहिए। अगर हर घर एक-एक गाय की भी चिंता कर ले, तो लक्ष्य पूरा हो जाएगा। यह संदेश हमें पूरा समाज तक पहुंचाना है। इस्कॉन के प्रमुख स्वामी गोपाल कृष्ण गोस्वामी ने मोहन भागवत को बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों तथा गुजरात के वनवासी क्षेत्रों में सेवा के प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया कि यह पहला अवसर है जब भागवत देश के किसी इस्कॉन मंदिर में ठहरे हैं। संघ प्रमुख ने गोस्वामी महाराज को माला पहनाई। इस्कॉन के वाइस चेयरमैन बासु घोष प्रभु, दिल्ली के प्रेसिडेंट केशव मुरारी प्रभु आदि भी साथ थे।
विद्या भारती के नए प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण
मंगलवार दोपहर को भागवत ने चिंतामण रोड स्थित विद्या भारती के नए प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। प्रशिक्षण केंद्र में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्या भारती के पदाधिकारियों के अनुसार हर साल 22 हजार शिक्षक यहां प्रशिक्षण लेंगे। विद्या भारती ने 22 करोड़ रुपये से इस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया है। इसका नाम सम्राट विक्रमादित्य भवन रखा गया है। इस भवन में संगठन का प्रांतीय कार्यालय भी संचालित होगा। पूरे प्रांत से नगर, ग्रामीण, वनवासी और जनजातीय क्षेत्र के शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने आएंगे। विषयवार हर शिक्षक को 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रांत प्रमुख पंकज पंवार के अनुसार अब तक शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था टुकड़ों में बंटी थी। अब इसका केंद्रीयकरण कर दिया है। पूरे प्रांत के शिक्षकों को एक ही जगह प्राकृतिक वातावरण के बीच प्रशिक्षण दिया जाएगा। कम्प्यूटर लैब, लायब्रेरी, ध्यान केंद्र की भी स्थापना की गई है।
अप्रैल से शुरू हो जाएगा प्रशिक्षण
बताया गया कि तीन साल पहले महंत रामनाथ जी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक अशोक सोहनी ने प्रशिक्षण केंद्र की नींव रखी थी। यह भवन ग्रीन कंसेप्ट पर तैयार किया है। इसमें प्राकृतिक हवा, पानी, रोशनी का पर्याप्त इंतजाम है। गर्मी में भी यहां एयर कंडीशन की जरुरत नहीं होगी। सौर ऊर्जा पैनल भी लगवाए हैं। भूजल पुनर्भरण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया है। भवन में 200 शिक्षकों के आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था है।ऑडिटोरियम भी बना है। अप्रैल माह से यहां प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। यहां 200 दिन प्रशिक्षण होगा।
