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Ujjain: प्रदेश में ग्लोबल इवेस्टर्स समिट की भव्य तैयारियां, आगर रोड उद्योगपुरी में न साफ सफाई, न स्ट्रीट लाइट
Mon, 09 Jan 2023 01:48 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 09 Jan 2023 01:48 PM IST
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आगर रोड उद्योगपुरी की खस्ताहाल सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश में सरकार 11 और 12 जनवरी को ग्लोबल इवेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2023 का आयोजन कर रही है। इसमें बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया जा रहा है। इसमें 400 से ज्यादा उद्योगपति हिस्सा लेंगे। 65 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उम्मीद है कि प्रदेश में समिट से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा। इस समिट की तैयारी की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं। इस बीच आगर रोड, उद्योगपुरी के व्यापारियों ने कहा कि आगर रोड उद्योगपुरी औद्योगिक क्षेत्र को शासन द्वारा किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधा जैसे साफ सफाई, स्ट्रीट लाइट आदि नहीं दी जा रही है, संस्था अपने संसाधनों से व्यवस्थाएं जुटाती हैं, जबकि यहां से लाखों रुपये का राजस्व सम्पत्ति कर, जल कर, वाणिज्य कर आदि सभी प्रकार के करों से स्थानीय, राज्य एवं केन्द्र शासन को प्राप्त हो रहा है।
स्ट्रीट लाइट न होने से व्यापारियों को होती है परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
आगर रोड उद्योगपुरी का निर्माण सहकारिता के आधार पर 1960 में किया गया था, जो प्रदेश की सबसे पुरानी औद्योगिक संस्था है। तब सदस्यों से प्राप्त अंशपूजी से जमीन क्रय की गई थी व विकास कार्य पर व्यय किया गया था। शासन से ऋण लिया गया था तथा औद्योगिक शेडों का निर्माण किया गया था, संस्था के व्यय से पी.एच.ई. से पाईप लाइन डलवाई गई थी तथा स्ट्रीट लाइट भी संस्था के व्यय से डलवाई थी। वर्तमान में इस उद्योगपुरी में 219 भूखण्ड आवंटित हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की सूक्ष्म और लघु इकाईयां लगी हुई हैं, जिसमें सभी प्रकार के पावरलूम, प्लास्टिक, पेपर, प्रिंटिंग, दोना पत्तल, पीतल आदि उद्योग कार्यरत हैं, जिसमें से ज्यादातर पावरलूम उद्योग हैं, जो कि कॉटेज इण्डस्ट्रीज की श्रेणी में आता है।
कॉटेज इंड्स्ट्री शहर के मध्य ही चल पाती है। इसे शहर से दूर स्थापित कर दिया जाए तो यह नहीं चलती है। तथा मृतप्राय हो जाती है, जहां भी इस प्रकार की कॉटेज इंड्स्ट्री हैं, जैसे बुरहानपुर, मुम्बई, अहमदाबाद, सूरत, भिवंडी आदि स्थानों पर शहरों के मध्य ही कार्यरत हैं। वर्तमान में पावरलूम उद्योग की स्थिति अच्छी नहीं है तथा वह अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है।
कॉटेज इंड्स्ट्री शहर के मध्य ही चल पाती है। इसे शहर से दूर स्थापित कर दिया जाए तो यह नहीं चलती है। तथा मृतप्राय हो जाती है, जहां भी इस प्रकार की कॉटेज इंड्स्ट्री हैं, जैसे बुरहानपुर, मुम्बई, अहमदाबाद, सूरत, भिवंडी आदि स्थानों पर शहरों के मध्य ही कार्यरत हैं। वर्तमान में पावरलूम उद्योग की स्थिति अच्छी नहीं है तथा वह अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है।
विकास की बांट जोह रहा उद्योगपुरी
- फोटो : अमर उजाला
व्यवसाय हो जाएगा चौपट
आगर रोड, उद्योगपुरी के उपाध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि गत दिनों महापौर मुकेश टटवाल ने कहा था कि अधिकांश लोगों ने औद्योगिक क्षेत्र मे गोदाम बना रखे हैं, वह सही नहीं है। अधिकांश भूखण्डों पर उद्योग संचालित हैं, जिसकी तस्दीक की जा सकती है। किसी भी दशा में इस औद्योगिक क्षेत्र को यहां से स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए यदि ऐसा किया जाता है तो इस औद्योगिक क्षेत्र में जो हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है वह खत्म हो जायेगा तथा व्यवसाय चौपट हो जायेगा।
चालू उद्योगों को नहीं छेड़ा जाना चाहिए
शहर में वैसे ही मिल बन्द हो जाने के कारण तथा कोई बड़ा उद्योग नहीं होने के कारण बेरोजगारी खत्म नहीं हो रही है, ऐसी स्थिति में चालू उद्योगों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के बजाय जो हीरामिल एवं जीनिंग प्रेसों की भूमि रिक्त पड़ी है उन पर रहवासी कॉलोनी का विकास किया जाना चाहिए। चालू उद्योगों को नहीं छेड़ा जाना चाहिए।
आगर रोड, उद्योगपुरी के उपाध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि गत दिनों महापौर मुकेश टटवाल ने कहा था कि अधिकांश लोगों ने औद्योगिक क्षेत्र मे गोदाम बना रखे हैं, वह सही नहीं है। अधिकांश भूखण्डों पर उद्योग संचालित हैं, जिसकी तस्दीक की जा सकती है। किसी भी दशा में इस औद्योगिक क्षेत्र को यहां से स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए यदि ऐसा किया जाता है तो इस औद्योगिक क्षेत्र में जो हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है वह खत्म हो जायेगा तथा व्यवसाय चौपट हो जायेगा।
चालू उद्योगों को नहीं छेड़ा जाना चाहिए
शहर में वैसे ही मिल बन्द हो जाने के कारण तथा कोई बड़ा उद्योग नहीं होने के कारण बेरोजगारी खत्म नहीं हो रही है, ऐसी स्थिति में चालू उद्योगों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के बजाय जो हीरामिल एवं जीनिंग प्रेसों की भूमि रिक्त पड़ी है उन पर रहवासी कॉलोनी का विकास किया जाना चाहिए। चालू उद्योगों को नहीं छेड़ा जाना चाहिए।
