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विराट-धोनी ने हौसला बढ़ाया, मैंने इतिहास बनाया-कुलदीप
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 23 Sep 2017 06:08 PM IST
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आस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव का कहना है कि यह करिश्मा कप्तान विराट कोहली की दी आजादी से संभव हुआ है। अमर उजाला से मोबाइल पर हुई विशेष बातचीत में कुलदीप यादव ने बताया कि पहला विकेट लेने के बाद मुझे विराट भाई ने कहा कि तुम्हें और विकेट मिलेंगे।
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इसके बाद अगली गेंद पर मुझे दूसरा विकेट मिला। लगातार दो विकेट लेने के बाद साथी खिलाड़ियों ने मेरा उत्साह बढ़ाया। तब मुझे लगा कि मैं हैट्रिक ले सकता हूं। इसके बाद मेरे पास विराट भाई आए और बोले कि तुम करिश्मा कर सकते हो। मैंने पूछा गेंद कहां फेंकनी है। इसी बीच धोनी भाई भी आ पहुंचे। बोले तुम जैसे चाहो वैसे गेंद फेंक सकते है। यह तुम्हारे निर्णय पर है।
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निश्चित तौर पर तुम्हे विकेट मिलेगा। इसके बाद मैंने जैसे ही गेंद फेंकी, धोनी ने विकेट के पीछे कैच लपककर मेरी हैट्रिक पूरी करा दी। कुलदीप ने बताया कि मेरे लिए ये क्षण बहुत-बहुत स्पेशल है। इसने पूरा गेम ही बदल दिया। पिछले मैच में मेरे एक ओवर में तीन छक्के मेरे लिए सबक था। 1987 में जब चेतन शर्मा ने हैट्रिक ली थी तब कपिल देव ने भी चेतन से तीसरी गेंद फ्री होकर फेंकने को कहा था। इसका असर हुआ था और चेतन शर्मा ने अपनी हैट्रिक पूरी की थी।
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कुलदीप यादव के माता पिता और बहनें
- फोटो : अमर उजाला
मां मैच छोड़कर मइया के पास बैठ गई
कुलदीप की मां उषा देवी का कहना है कि आधे से अधिक मैच हो गया था और कुलदीप को कोई विकेट नहीं मिला था। तब निराश होकर मैं टीवी के सामने से उठकर देवी मां के आगे जाकर बैठ गई थी। इसके बाद नवरात्र पर मइया की कृपा बरसी और मेरे लाल कुलदीप ने हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। नवरात्र के पहले दिन मेरे परिवार पर साक्षात मइया की कृपा बरसीं है।
कुलदीप की मां उषा देवी का कहना है कि आधे से अधिक मैच हो गया था और कुलदीप को कोई विकेट नहीं मिला था। तब निराश होकर मैं टीवी के सामने से उठकर देवी मां के आगे जाकर बैठ गई थी। इसके बाद नवरात्र पर मइया की कृपा बरसी और मेरे लाल कुलदीप ने हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। नवरात्र के पहले दिन मेरे परिवार पर साक्षात मइया की कृपा बरसीं है।
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कुलदीप यादव का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
पिता बोले निराश होने लगा था
कुलदीप के पिता राम सिंह यादव का कहना है कि जब-जब बेटा खेला तब-तब एक-दो ओवर फेंकने के बाद ही विकेट लेना शुरू कर देता था। लेकिन इस मैच में 6-7 ओवर फेंकने के बाद भी जब कोई विकेट नहीं मिला तो निराशा होने लगी थी। पर 8वें ओवर में तो इतिहास रच दिया मेरे लाल ने।