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ऐसी खतरनाक सजाएं कि आप तस्वीरें भी न देख पाएं
Sat, 31 Oct 2015 01:10 PM IST
Updated Sat, 31 Oct 2015 01:10 PM IST
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बदला लेना और सजाएं देना पुराने समय से ही चला आ रहा है लेकिन मध्यकालीन दौर में जिस जिस तरह की सजाएं दी जाती थीं वे जान कर आप सिहर जाएंगे। इसके लिए जसि तरह के मशीन व हथियार बनाए गए उन्हें देख कर ही दर्द का अंदाजा लगाया जा सकता है। आगे तस्वीरों में देखिए सालों पहले कैसे होता था मानव पर अत्याचार।
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इसे कहते हैं टब में बैठने की सजा। दोषी को लकड़ी के एक टब में बिठाया जाता था जिसमें सिर्फ उसका सिर बाहर रहता था। फिर जल्लाद उसके चेहरे पर दूध औऱ शहद पोतता था जिसके बाद मक्खियां उसे अपना भोजन बना डालती थीं। दोषी को हर दिन भरपेट खाना भी खिलाया जाता था ताकि वह टब में ही अपना मल छोड़े और उसी में पड़ा रहे। गंदगी मे सड़ रही लाश को कीड़े खा जाते थे।
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यह एक ऐसी बड़ी सी कैंची थी जो दोषियों की जबान काटने के लिए इस्तेमाल की जाती थी। पहले उनका मुंह जबरन खुलवाया जाता था, इस कैंची को उनकी जबान के बीच रखा जाता था औऱ फिर पेंच को कसा जाता था ताकि झट से जबान कट जाए।
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इसे सौ टॉर्चर यानी आरी से किया गया अत्याचार कहते थे। इसमें दोषी के हाथ पैर बांध कर उल्टा लटका दिया जाता था। उल्टा इसलिए ताकि खून सिर की तरफ भागे और वे ज्यादा समय तक अत्याचार सह पाएं। इसके बाद उनके शरीर को आरी से बिलकुल आधा- आधा काट दिया जाता था। कुछ को सिर्फ पेट तक काटा जाता था ताकि उन्हें लंब वक्त तक दर्द सहना पड़े।
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इसे हेरेटिक फॉर्क कहते हैं। अत्याचार करने के लिए इस औजार को मेटल से बनाया जाता था जिसमें दोनो तरफ काटें लगे होते थे औऱ बीच में एक बेल्ट। इसे दोषी के ठुड्डी और गले के बीच में इस तरह लगाया जाता था कि गलती से भी आदमी का सिर लटके और ये कांटे गले के आर पार हो जाएं। सोर्स- लिस्ट25.कॉम।
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