{"_id":"1737f89fa8aef4f2162387797557b4f6","slug":"anurag-kashyap-movies-dialogue","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग","category":{"title":"Entertainment Archives","title_hn":"एंटरटेनमेंट आर्काइव","slug":"entertainment-archives"}}
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
Tue, 02 Feb 2016 06:14 AM IST
Updated Tue, 02 Feb 2016 06:14 AM IST
विज्ञापन
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
1 of 15
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
यूं तो 21वीं सदी में फिल्मों ने कई बंधन तोड़े हैं। लेकिन संवादों के मामले में अनुराग कश्यप की फिल्में मर्यादा के हद तक जाती हैं। अनुराग ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी अनोखी धारा विकसित की है, जिसकी जान उनके ये बोल्ड डायलॉग होते हैं। (नोट- संवाद से सभी गाली वाले शब्दों को हटाया गया है।) गैंग्स ऑफ वासेपुर का संवाद।
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
2 of 15
फिल्म की पटकथा की पृष्ठभूमि कुछ भी हो, द गर्ल इन येलो बूट्स की मुंबई हो, गुलाल का राजस्थान हो, डेव डी की दिल्ली या फिर गैंग्स ऑफ वासेपुर का बिहार हो; किरदार जो संवाद बोलते हैं, हिन्दी सिनेमा में वैसे संवाद पहले कभी नहीं सुनने को नहीं मिलते थे। (ब्लैक फ्राइडे का संवाद)
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
3 of 15
हॉलीवुड की दुनिया में निर्देशक क्वातिन तारंतिनो को भी ऐसे ही संवादों के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्मों में लोगों को ऐसे डायलॉग सुनने को मिलते हैं, जो आमतौर पर फिल्मों में नहीं सुनाई देते। (डेव डी का संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
4 of 15
निश्चित तौर पर अनुराग की फिल्मों के किरदार गाली-गलौज में प्रयोग किए जाने वाले कुछ शब्द बोलते हैं, लेकिन फिल्म की कहानी पर उसे इस तरह से बुना गया रहता कि सेंसर बोर्ड भी उन्हें काट नहीं पाता। (गुलाल का संवाद)
विज्ञापन
मर्यादा की हद तक बोल्ड होते हैं अनुराग की फिल्मों के डायलॉग
5 of 15
कई एक बार इसी वजह से अनुराग की फिल्मों को फिल्म सेंसर बोर्ड की बेरुखी और उसके बाद कई राज्यों में फिल्म पर प्रतिबंधन जैसी समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है। बावजूद इसके अनुराग ने लगातार अपनी फिल्मी समझ और अपनी फिल्मों के संवदों से प्रभावित करते हैं। (द गर्ल इन येलो बूट्स का संवाद)
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।