अचलेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के माउंटआबू में स्थित है। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान शिव के पैर के अंगूठे की पूजा की जाती है। यहां भगवान शिव के पैर के अंगूठे के रूप में विराजमान हैं। राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंटआबू है, जिसे अर्धकाशी के रूप में भी जाना जाता है। क्योंकि इसमें भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं। स्कंद पुराण के अनुसार, वाराणसी शिव की नगरी है, तो माउंटआबू को भगवान शंकर की उपनगरी के रूप में जाना जाता है। मंदिर में भगवान शिव के वाहन नंदी की एक विशाल मूर्ति है, जिसका वजन लगभग चार टन है। नंदी की मूर्ति पांच धातुओं से बनी है, जिसमें सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता मिला हुआ है।
Maha Shivratri 2025: तस्वीरों में देखें राजस्थान के प्रसिद्ध शिव मंदिर, इनका पुराणों में है उल्लेख
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 22 Feb 2025 10:29 PM IST
सार
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान शिव और देवी शक्ति के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस शुभ अवसर पर रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शिव की विधिवत पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और भाग्य का संपूर्ण साथ मिलता है।
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