जालौर जिले के चितलवाना उपखंड के नेहड़ क्षेत्र के रिड़का गांव में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लूणी नदी में अचानक पानी का बहाव तेज होने से 23 लोग बीच में ही फंस गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
Rajasthan Flood: NDRF ने लूणी नदी में फंसे 23 लोग सुरक्षित निकाले, गर्भवती महिला समेत बच्चे और पुरुष बचाए गए
Jalore Flood Update: ग्रामीणों ने बताया कि रिड़का गांव के कुछ लोग नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान लूणी का बहाव अचानक तेज हो गया और महिलाएं, पुरुष व बच्चे बीच में ही फंस गए। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
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तेज बहाव में फंसे, समय रहते पहुंची मदद
ग्रामीणों के अनुसार, रिड़का गांव के कुछ लोग नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान लूणी का बहाव अचानक तेज हो गया और महिलाएं, पुरुष व बच्चे बीच में ही फंस गए। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई। एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते 15 पुरुष, 5 महिलाएं और 3 बच्चों सहित कुल 23 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा
बचाए गए लोगों में एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। टीम ने उसे तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवाई। प्रशासन ने राहत कार्यों के तहत गांव में राशन और आवश्यक दवाइयां भी पहुंचाईं। इसके साथ ही डॉक्टर और शिक्षक भी मौके पर भेजे गए ताकि प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता दी जा सके।
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अधिकारी मौके पर, गांव बने टापू
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नायब तहसीलदार वेरसीराम और पटवारी संजय बिश्नोई भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं, लगातार हो रही बारिश और जवाई बांध के गेट खोलने से जिले की कई नदियां उफान पर हैं। लूणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नेहड़ क्षेत्र के 10 से 15 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। इन गांवों तक पहुंचने का रास्ता बंद हो चुका है।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें अलर्ट मोड पर हैं। ग्रामीणों ने समय पर की गई इस कार्रवाई के लिए प्रशासन और बचाव दल का आभार जताया।
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