जोधपुर में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद शहर काली घटाओं और तेज अंधड़ की चपेट में आ गया। पिछले कई दिनों से 45 डिग्री तापमान झेल रहे जोधपुरवासियों को जहां बारिश से राहत मिली, वहीं तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर के रातानाडा, बनाड़ रोड और मंडोर जैसे इलाकों में पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर पड़े।
Weather: पश्चिमी राजस्थान में आंधी-तूफान से जनजीवन त्रस्त, कहीं पेड़ गिरे तो कहीं टूटे बिजली के पोल; तस्वीरें
Rajasthan Weather: राजस्थान के जोधपुर, चित्तौड़गढ़ और श्रीगंगानगर में आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान कहीं पेड़ गिरे तो कहीं बिजली के पोल धराशायी हो गए। चित्तौड़गढ़ में विद्युत निगम को भारी नुकसान हो गया।
चित्तौड़गढ़ में बिजली विभाग को भारी क्षति
उधर, चित्तौड़गढ़ जिले में अंधड़ और बेमौसम बारिश ने अजमेर विद्युत वितरण निगम को गहरा झटका दिया है। मई के केवल 23 दिनों में निगम को 2.36 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। तेज आंधी और तूफान के चलते जिले के निंबाहेड़ा, बड़ीसादड़ी, भदेसर, सावा, मांगरोल और डूंगला क्षेत्रों में विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
193 डीपी स्ट्रक्चर टूटे, 600 से ज्यादा पोल गिरे
इन 22 दिनों में 33 केवी के 12 पोल, 11 केवी के 598 पोल, एलटी लाइन के 266 पोल सहित कुल 193 डीपी स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 105 थ्री फेस और 83 सिंगल फेज ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान गुरुवार शाम को हुआ, जब एक ही दिन में 33 केवी के 5, 11 केवी के 141 और एलटी लाइन के 69 पोल टूटे। अधिकारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करवा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए। फिर भी कुछ क्षेत्रों में फाल्ट के कारण अस्थायी रूप से बिजली बंद रही।
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श्रीगंगानगर में आंधी-तूफान बिजली के पोल-पेड़ गिरे, छह लोग घायल
श्रीगंगानगर में शनिवार को अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई। पुरानी आबादी क्षेत्र में बस स्टेट के पास एक विद्युत पोल और पेड़ गिरने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। तेज हवाओं के चलते जिलेभर में कई इलाकों से आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। गजसिंहपुर के 2F गांव, सूरतगढ़ के बीरमाना गांव, श्रीकरणपुर के 11 ओ गांव और श्रीगंगानगर के आसपास भी आग लगने की खबरें आई हैं। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी स्थान से बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
तूफान के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विद्युत पोल और पेड़ गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई जगहों पर टीन टपर उड़ गए, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जिलेभर के अधिकारियों से अपडेट ले रही हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। वहीं, जिलाधिकारी के निर्देश पर SDM रणजीत बिजारणियां घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना।
राज्य भर में आंधी और बारिश का असर जारी
राजस्थान के इन प्रमुख जिलों में तेज हवाओं और बरसात ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं बिजली, यातायात और जनसंपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और आंधी-बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहना पड़ रहा है।