राजस्थान की राजनीति में नागौर एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने यहां न केवल पारंपरिक खेल में जीत दर्ज की, बल्कि शहर की सड़कों पर झाड़ू लगाकर राजनीतिक संदेश भी दिया। यह घटनाक्रम सियासी और सामाजिक दोनों ही नजरिए से चर्चा का विषय बन गया है।
Rajasthan Politics: ज्योति मिर्धा ने विधायक डांगा को रस्सा कशी में हराया, झाड़ू लगाकर दिया राजनीतिक संदेश
Nagaur Politics: विधायक रेवंतराम डांगा जहां हनुमान बेनीवाल को हराकर सुर्खियों में आए थे, वहीं मिर्धा ने उन्हें खेल के मैदान में पछाड़कर अलग तरह का संदेश दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटनाक्रम आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में असर डाल सकता है।
रस्साकशी में विधायक डागा को हराया
जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर को नागौर में एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक राजस्थानी खेल ‘रसा कक्सी’ (रस्साकशी) का आयोजन हुआ। इस खेल में डॉ. ज्योति मिर्धा ने खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा को चुनौती दी। मुकाबले के दौरान मिर्धा ने रस्सी मजबूती से थामे रखी, जबकि विधायक डांगा संतुलन खो बैठे और गिर गए। यह दृश्य देखकर उपस्थित भीड़ में ठहाके गूंज उठे। मिर्धा ने मुस्कुराते हुए कहा कि सियासत हो या खेल, जीत की रस्सी मजबूती से पकड़नी पड़ती है।
खेल से सफाई अभियान तक का सफर
खेल जीतने के तुरंत बाद डॉ. मिर्धा ने नागौर शहर की गंदगी भरी सड़कों पर झाड़ू लगाई। इस सफाई अभियान के जरिए उन्होंने शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया और विकास को स्वच्छता से जोड़ते हुए कहा कि नागौर को साफ करना ही असली विकास है। यह कदम न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि राजनीतिक विरोधियों पर अप्रत्यक्ष वार भी माना जा रहा है।
हनुमान बेनीवाल को सीधा संदेश
झाड़ू लगाने की यह पहल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के संरक्षक और नागौर की राजनीति के दिग्गज हनुमान बेनीवाल की ओर इशारा करती दिखी। उपचुनाव में बेनीवाल के गढ़ खींवसर में भाजपा ने जीत दर्ज की थी और अब मिर्धा का यह अभियान उनके लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे जीत का प्रतीक बताया, जबकि आरएलपी समर्थकों ने विरोध जताया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी सियासी जंग
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक ओर भाजपा समर्थक इसे विकास और सफाई की राजनीति का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरएलपी समर्थक इसे केवल नाटक करार दे रहे हैं। डॉ. मिर्धा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह केवल खेल नहीं, बल्कि गंभीर संदेश है कि नागौर की जनता अब साफ-सुथरी राजनीति चाहती है, न कि नकारात्मक और जातिवादी राजनीति।
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नागौर की राजनीति में नए संकेत
राजस्थान की राजनीति में नागौर हमेशा से अहम भूमिका निभाता रहा है। विधायक डांगा जहां बेनीवाल को हराकर सुर्खियों में आए थे, वहीं मिर्धा ने उन्हें खेल के मैदान में पछाड़कर अलग तरह का संदेश दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटनाक्रम आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में असर डाल सकता है।
कुल मिलाकर, ज्योति मिर्धा का यह डबल धमाका खेल में जीत और झाड़ू अभियान नागौर की राजनीति को नई ऊर्जा और बहस का विषय दे रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रतीकात्मक संदेश सियासी जमीनी हकीकत में कितना असर डालता है।
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