राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार मामे खान ने इतिहास रच दिया है। मामे खान 75वें कांस फिल्म फेस्टिवल में भारतीय दल का नेतृत्व करने वाले पहले लोक कलाकार बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर सीएम अशोक गहलोत ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
Cannes Film Festival: राजस्थान के मामे खान ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले पहले लोक कलाकार बने, देखें तस्वीरें
राजस्थानी लोक गायक मामे खान ने मंगलवार को कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत के लिए रेड कार्पेट पर परफॉर्म किया।
मामे खान रेड कार्पेट पर मंगलवार को अपने पारंपरिक पोशाक में नजर आए। उनके लुक और ड्रेस की खूब सराहना हो रही है। उन्होंने कांस फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने की अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर भी शेयर की हैं। वो राजस्थान के पहले कलाकार हैं, जिसे रेड कारपेट पर चलने का सम्मान मिला है। उनके साथ इस फेस्टिवल में बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, दीपिका पादुकोण और ए.आर. रहमान सहित कई बॉलीवुड स्टार शामिल हुए।
जैसलमेर के रहने वाले हैं मामे खान
मामे खान राजस्थान के जैसलमेर के एक छोटे से गांव सत्तों के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी आवाज का जादू सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं कई देशों में बिखेरा है। वे राजस्थान के मांगणियार समुदाय से हैं। यह समुदाय अपने लोक संगीत के लिए जाना जाता है। बचपन से ही मामे संगीत के माहौल में बड़े हुए हैं। बारह साल की उम्र में इन्होंने अपना पहला म्यूजिक शो दिल्ली में इंडिया गेट पर किया था। राजस्थान में वे अपने पिता के साथ शादियों में भी जाकर गाया करते थे।

बॉलीवुड में गाए हैं कई बेहतरीन गानें
अपनी सुरीली आवाज सबका मनमोहने वाले मामे खान को पद्मश्री अवार्ड भी मिल चुका है। राजस्थान के इस चहेते लोक कलाकार के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे बॉलीवुड फिल्म जैसे 'लक बाय चांस', 'नो वन किल्ड जेसिका' और 'सोनचिरैया' के लिए गाना गा चुके हैं। वे अमित त्रिवेदी के साथ कोक स्टूडियो से भी जुड़े हुए हैं।
हाल ही में मामे खान ने अभिषेक बच्चन की फिल्म 'दसवीं' के गाने 'म्हारा मन होयो नखरालों' को अपनी आवाज दी है। इस गाने को लोग खूब पसंद कर रहे हैं।