पिछले 35 सालों से एक बुजुर्ग महिला गोशाला में रह रही है। यहीं से उसने अपनी दो बेटियों की शादी की। एक नौजवान बेटी अभी भी उसके साथ गोशाला में ही गुजर बसर कर रही है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने गरीबों के लिए अलग-अलग आवास योजनाएं शुरू की गई हैं। ऐसे परिवारों के लिए बीपीएल योजना है जिसमें सस्ता राशन मिलता है। लेकिन आज तक किसी भी पंचायत प्रतिनिधि को नहीं लगा
यह परिवार गरीबी रेखा से नीचे है, इनका नाम भी बीपीएल सूची में आना चाहिए। पंचायत में कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास पक्के मकान हैं और बीपीएल का लाभ उठा रहे हैं। मामला उपमंडल संगड़ाह की रेड़ली पंचायत का है। अनुसूचित जाति की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पुन्नो देवी अपनी बेटी के साथ गुरबत भरा जीवन जीने को मजबूर है। महिला का तकरीबन साढ़े तीन दशक का वक्त बिना घर के गोशाला में बीत चुका है।
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गोशाला में रह रही बुजुर्ग महिला
- फोटो : अमर उजाला
आज भी वह गोशाला में ही एक गाय और बकरी के साथ रह रही है। इतना सब कुछ होने के बाद भी पंचायत इस महिला को गरीब मानने को राजी नहीं है। लिहाजा, पंचायत ने आजतक पुन्नो देवी को बीपीएल श्रेणी में नहीं डाला है, जो उसका असल हक भी है।
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गोशाला
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से महिला को न तो प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिल पाया है और न ही अन्य किसी योजना का। आठ अगस्त को विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान भी महिला का नाम बीपीएल श्रेणी में नहीं डाला गया। हालांकि, पंचायत में तैयार बीपीएल सूची में कई पात्रों को शामिल न करने की मामले की शिकायत दिव्यांग देवेंद्र सिंह ने एसडीएम संगड़ाह को सौंपी है।
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मवेशियों के साथ बुजुर्ग महिला।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पुन्नो देवी जोड़ों में दर्द के चलते खेती व अन्य कार्य करने में सक्षम नहीं है। 850 रुपये की पेंशन के सहारे ही उनकी रोजी-रोटी चल रही है। इस पंचायत में वाहन रखने वाले लोग भी बीपीएल में दर्ज किए गए हैं, लेकिन पात्रों को इसका लाभ आजतक नहीं मिल पाया है। उधर, पंचायत सचिव चंपा देवी और प्रधान हेमचंद ने बताया कि रविवार को हुई ग्रामसभा की बैठक में पुन्नो देवी उपस्थित नहीं हुई।
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बुजुर्ग महिला
- फोटो : अमर उजाला
न ही किसी ने उनका नाम बीपीएल के लिए प्रस्तावित किया। एसडीएम संगड़ाह डॉ. विक्रम नेगी ने बताया कि देवेंद्र सिंह की शिकायत मिली है। बीपीएल सूची संबंधी शिकायत को आगामी कार्रवाई के लिए बीडीओ को भेजा गया है। कार्यवाहक बीडीओ हरमेश ठाकुर ने बताया कि विभाग बीपीएल सूची में चयनित किए गए अपात्र लोगों के नाम काट सकता है। पुन्नो देवी अथवा किसी अन्य शख्स का नाम शामिल करने के लिए केवल ग्रामसभा ही अधिकृत है।