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एक क्लिक में पढ़िए वीरभद्र कैबिनेट के 20 बड़े फैसले

Fri, 25 Sep 2015 08:28 PM IST
Updated Fri, 25 Sep 2015 08:28 PM IST
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एक ‌क्लिक में पढ़िए वीरभद्र कैबिनेट के 20 बड़े फैसले

Himachal cabinet decisions.

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, टांडा मेडिकल कॉलेज और दंत महाविद्यालय शिमला में प्रशिक्षु विद्यार्थियों के स्टाइपेंड को 8 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विधानसभा क्षेत्र हरोली में निजी मेडिकल कॉलेज को भी मंजूरी दी गई है। दुर्गम, जनजातीय एवं अन्य क्षेत्रों में डॉक्टरों की अनिवार्य सेवा अवधि को घटा दिया गया है।

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Himachal cabinet decisions.

बदलेगा एचएस का पाठ्यक्रम और पैटर्न- मंत्रिमंडल ने एचएएस की परीक्षा का पाठ्यक्रम एवं पैटर्न बदलने का फैसला लिया है। यह परीक्षा अब आईएएस की मुख्य परीक्षा की तर्ज पर होगी। चिकित्सा अधिकारियों को उनकी एडहॉक या आरकेएस सेवाओं को शामिल कर फोर टायर (4-9-14) पे स्केल देने की मंजूरी भी दी गई है। आईजीएमसी शिमला में रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने को भी मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दी है।

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Himachal cabinet decisions.

दुर्गम क्षेत्रों में एक साल घटा डॉक्टरों का सेवाकाल- हिमाचल मंत्रिमंडल ने दुर्गम, जनजातीय और अन्य क्षेत्रों में चिकित्सकों के आवश्यक सेवाकाल को घटा दिया है। कैबिनेट बैठक में इसके लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और डिप्लोमा कोर्स नीति में संशोधन का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने हरोली में निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने को भी स्वीकृति दी है। इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में आईजीएमसी शिमला, प्रदेश राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय शिमला और डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा के प्रशिक्षु विद्यार्थियों के स्टाइपंड में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।

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Himachal cabinet decisions.

इन जगहों पर एक साल की आवश्यक सेवा देनी होगी- विद्यार्थियों के स्टाइपंड को वर्तमान के 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है। चंबा जिला के पांगी, भरमौर, तीसा, लाहौल-स्पीति के सभी ब्लॉकों, शिमला जिला के नेरवा, चिड़गांव, टिक्कर और मंडी के चौहार और पधर ब्लाकों में अब चिकित्सकों को एक साल की आवश्यक सेवा देनी होगी। अभी तक यह दो साल थी। भावानगर, निरमंड, आनी, करसोग, जंजैहली, पुखरी, चुरी, किहार, समोट, शिलाई, संगड़ाह, महाकाल, ननखड़ी, मतियाना, कोटखाई और कुमारसैन ब्लॉक में अनिवार्य सेवा अवधि तीन से घटाकर दो साल कर दी है।

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Himachal cabinet decisions.

स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को उसी क्षेत्र के जिला अस्पताल में पीजी डिग्री करने के बाद भी एक साल और सेवा देनी होगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य चिकित्सा खंडों में सेवा अवधि को घटाकर तीन साल कर दिया गया है। नगर निगम शिमला और नगर निगम परिषद सोलन की परिधि में आने वाले क्षेत्रों और बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ के अधिसूचित क्षेत्रों के भीतर सेवा अवधि को पांच साल से घटाकर चार साल किया गया है।

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