{"_id":"57cd17834f1c1be2063174b0","slug":"land-demarcation-by-padnoi-devta-in-shimla-himachal-pradesh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सरकारी अफसर नहीं यहां देवता ने जो लकीर खींच दी वहीं खत्म हो जाता है जमीन विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी अफसर नहीं यहां देवता ने जो लकीर खींच दी वहीं खत्म हो जाता है जमीन विवाद
Mon, 05 Sep 2016 03:58 PM IST
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 05 Sep 2016 03:58 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जमीन विवाद सुलझाने के लिए लोग आज भी राजस्व विभाग के पास नहीं, बल्कि देवताओं के पास जाते हैं। हिमाचल के शिमला जिले में भले ही जमीन विवाद पीढ़ियां पुराना ही क्यों न हो, देवता के पास हर विवाद का निपटारा होता है। देवता ने जमीन की जो डिमार्केशन कर दी उसे दोनों पक्ष खुशी-खुशी मान लेते हैं। उन्हें पूरा विश्वास होता है कि देवता ने उनके साथ न्याय किया है। इतना ही नहीं राजस्व विभाग के अफसर भी देवता के फैसले को मानते हैं।
2 of 6
जिस जमीन का रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं होता है उसे देवता के फैसले के अनुसार ही दुरुस्त किया जाता है। शिमला जिले के मधान और सराज परगना के सैकड़ों गांवों में देवता ही ज्यादातर भूमि विवादों का निपटारा करते हैं। सराज के पन्दोई देवता साहब और मधान के डोडेश्वर महाराज जमीन विवाद सुलझाने के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं। परगना के लाखों लोग उन्हीं के पास आते हैं। गुहार लगाने के बाद देवता पालकी में सवार होकर उनके गांव आते हैं।
3 of 6
देवता के आदेश पर गूर विवादित जमीन में जाता है और दोनों पक्षों को उनकी जमीन की हद बता देता है। दोनों पक्ष इसे मान लेते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में भी चढ़वा लेते हैं। देवता पन्दोई के पूर्व भंडारी दया राम वर्मा का कहना है कि देवता सैकड़ों मामलों को सुलझा चुके हैं। आज तक किसी ने देवता के फैसले के विरुद्ध आवाज नहीं उठाई। देवता दोनों पक्षों के साथ न्याय करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
कुल्लू के देवता करते थानेदारी और पंची- कुल्लू घाटी के धूमल नाग को थानेदार के रूप में भी जाना जाता है। कुल्लू दशहरा में लाखों की भीड़ में ट्रैफिक का जिम्मा उनके पास होता है। छमाणी नारायण देवताओं के पंच हैं जो उनके विवाद निपटाते हैं। भागा सिद्ध माता धूम्रपान निषेद का जिम्मा संभाले हुए हैं। यहां देवता के आदेश पर टीवी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण भी तय दिनों में लोगों को बंद रखने पड़ते हैं। लोग आज भी आस्था के चलते उनके आदेशों को मानते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
एसडीएम शिमला ग्रामीण जीएस नेगी ने कहा कि पन्दोई साहब सराज क्षेत्र के सबसे बड़े देवता हैं। लोग विवाद सुलझाने देवता के पास जाते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।