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युग हत्याकांड: सजा तो पहले भी हुई पर देवभूमि में कोई नहीं लटका फांसी पर

Thu, 06 Sep 2018 11:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 06 Sep 2018 11:54 AM IST
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Shimla yug murder case verdict death penalty to three culprits
death penalty

राजधानी शिमला के बहुचर्चित युग अपहरण एवं हत्याकांड के तीनों दोषियों चंद्र शर्मा, विक्रांत और तेजेंद्र को भले ही सत्र न्यायालय से फांसी की सजा हो गई हो लेकिन देवभूमि में आज तक किसी भी दोषी को फांसी पर नहीं लटकाया गया है।

Shimla yug murder case verdict death penalty to three culprits

ऐसा इसलिए है क्योंकि सूबे की किसी भी जेल में फांसीघर नहीं है। युग मामले में सजा बरकरार रहने पर हिमाचल पड़ोसी राज्य पंजाब से मदद ले सकता है। पंजाब की पटियाला जेल में फांसीघर बना हुआ है। देवभूमि में भले ही द्वेष भाव में कोई अपराध हो जाए लेकिन सोची समझी साजिश के तहत एक बच्चे की हत्या करने जैसा जघन्य अपराध कभी नहीं हुआ।

Shimla yug murder case verdict death penalty to three culprits

यही कारण है कि चार साल के मासूम युग के अपहरण के बाद हत्या के तथ्य जैसे जैसे सामने आए, उसके बाद से लोग लगातार फांसी की मांग कर रहे थे। अब सत्र न्यायालय ने भी इस केस को रेयरेस्ट आफ रेयर मानते हुए तीनों को फांसी की सजा सुना दी है।

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Shimla yug murder case verdict death penalty to three culprits

हिमाचल में आखिरी बार साल 2004 में आंध्र प्रदेश के श्यामल राव रेड्डी को फांसी की सजा हुई थी। हालांकि, वह नाहन जेल से फरार हो गया था। इससे पहले एक और को फांसी की सजा तो हुई लेकिन हाईकोर्ट ने सजा माफ कर दी थी।

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Shimla yug murder case verdict death penalty to three culprits

इसके अलावा किसी अपराध में किसी को फांसी की सजा हुई है या नहीं, यह न तो पुलिस मुख्यालय के किसी अधिकारी को पता है और न ही जेल मुख्यालय के अधिकारियों के पास ऐसी कोई जानकारी है।

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