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Hal Shashti 2022: कब है हल षष्ठी? जानिए शुभ मुहूर्त, व्रत के नियम और धार्मिक महत्व

धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 16 Aug 2022 08:30 AM IST
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Hal Shashti 2022 Know the Date Time shubh Muhurat Vrat Niyam and significance of Hal Shashthi
हल षष्ठी का शुभ मुहूर्त महत्व और पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला

Hal Sashti 2022 shubh muhurat : भारत विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहारों का घर है। रक्षा बंधन या श्रावण पूर्णिमा के ठीक छह दिन बाद, भारत में हिंदू हर छठ या हल षष्ठी व्रत मनाते हैं। यह पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में भाद्रपद के महीने के दौरान कृष्ण पक्ष की षष्ठी पर मनाया जाता है। पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण त्योहार, हल षष्ठी भगवान बलराम की जयंती पर मनाया जाता है, जो श्री कृष्ण के बड़े भाई हैं। भगवान बलराम के जन्म को मनाने वाले त्योहार के भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नाम हैं। राजस्थान में इसे चंद्र षष्ठी के नाम से जाना जाता है, जबकि गुजरात में इसे रंधन छठ के नाम से जाना जाता है और ब्रज क्षेत्र में इसे बलदेव छठ कहा जाता है। माता देवकी और वासुदेव जी की सातवीं संतान, भगवान बलराम को भी अधिशेष के अवतार के रूप में पूजा जाता है, जिस नाग पर भगवान विष्णु विश्राम करते हैं। हलछठ को हलषष्ठी, ललई छठ भी कहा जाता है। इस साल हलषष्ठी का त्योहार मंगलवार, 17 अगस्त को मनाया जाएगा। यह त्योहार भगवान श्री कृष्ण के भाई दाऊ की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को बलराम जयंती भी कहा जाता है। इस दिन व्रत करने से मिला पुण्य संतान को संकटों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं हल षष्ठी शुभ मुहूर्त, व्रत नियम और पूजन विधि…

Hal Shashti 2022 Know the Date Time shubh Muhurat Vrat Niyam and significance of Hal Shashthi
हल षष्ठी का शुभ मुहूर्त महत्व और पूजा विधि

हलषष्ठी शुभ मुहूर्त
कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि आरंभ: 16 अगस्त, मंगलवार रात्रि 08: 19 से 
कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि समाप्त: 17 अगस्त, बुधवार, रात्रि 09: 21 मिनट 
उदयातिथि के आधार पर हल षष्ठी 18 अगस्त को मनाई जाएगी।

Hal Shashti 2022 Know the Date Time shubh Muhurat Vrat Niyam and significance of Hal Shashthi
हल षष्ठी का शुभ मुहूर्त महत्व और पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला

हलषष्ठी का महत्व
भगवान बलराम को कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे हलयुध, बलदेव और बलभद्र। चूंकि मूसल और फावड़ा भगवान बलराम के मुख्य उपकरण माने जाते थे, इसलिए कृषक समुदाय से संबंधित हिंदू भक्त इस दिन भरपूर फसल के लिए इन उपकरणों की पूजा करते हैं। वहीं दूसरी ओर महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए और संतान की सुख-समृद्धि के लिए भी व्रत रखती हैं।

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Hal Shashti 2022 Know the Date Time shubh Muhurat Vrat Niyam and significance of Hal Shashthi
हल षष्ठी का शुभ मुहूर्त महत्व और पूजा विधि - फोटो : social media

हलषष्ठी पूजन विधि

  • हलषष्ठी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानआदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • इसके बाद एक पीला वस्त्र चौकी पर बिछाएं और श्री कृष्ण और बलराम जी की फोटो या प्रतिमा चौकी पर रखें। 
  • इसके बाद बलराम जी की प्रतिमा पर चंदन का तिलक करें और पुष्प अर्पित करें। 
  • बलराम जी का ध्यान करके उन्हें प्रणाम करें और भगवान विष्णु की आरती के साथ पूजा संपन्न करें। 
  • हलषष्ठी पर श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के शस्त्र की पूजा का भी विधान है। 
  • संभव हो तो प्रतीकात्मक हल बनाकर उसकी पूजा करें।
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हल षष्ठी का शुभ मुहूर्त महत्व और पूजा विधि - फोटो : social media

हलषष्ठी के व्रत नियम 

  • हलछठ या हलषष्ठी के दिन बलराम जी के शस्त्र हल की पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन हल से जुती वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।  
  • हलषष्ठी के दिन स्त्रियां तालाब में उगे हुए फलों या चावल खाकर व्रत करती हैं। 
  • हलछठ के दिन व्रत में गाय के दूध या दूध से बनी हुई चीज का सेवन न करें।  
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