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Ram Navami 2026: रामनवमी कब है? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Mon, 23 Feb 2026 07:06 AM IST
सार
Chaitra Navratri: चैत्र माह का शुक्ल पक्ष नवरात्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस समय श्रद्धालु माता दुर्गा की नौ रूपों की पूजा और व्रत करते हैं। नवमी तिथि को राम नवमी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्म का पर्व है। इस दिन विशेष पूजा, हवन और व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
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Ram Navami 2026
- फोटो : अमर उजाला
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Ram Navami 2026: सनातन धर्म में भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जाना जाता है और उनका जन्मोत्सव अत्यंत पवित्र माना जाता है। उनके नाम और आदर्शों का पालन जन्म से मृत्यु तक हर श्रद्धालु के जीवन में जुड़ा रहता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का अवतरण हुआ था। इसी कारण हर साल इस दिन राम नवमी के रूप में मनाई जाती है और श्रद्धालु उनके जन्मोत्सव का उत्साहपूर्वक आयोजन करते हैं।
राम नवमी केवल जन्मोत्सव ही नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टि से बड़ा पावन पर्व भी है। इस दिन भगवान राम के बाल रूप की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। माना जाता है कि राम नवमी के दिन पूजा और व्रत करने से जीवन के दुख और परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली और समृद्धि आती है। इस साल राम नवमी कब है, इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व जानना हर भक्त के लिए आवश्यक है।
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Ram Navami 2026
- फोटो : freepik
राम नवमी शुभ मुहूर्त
राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त- प्रातः 11:13 से दोपहर 01:41 तक
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04: 44 से प्रातः 05: 30 तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:20 से दोपहर 03:19 तक
गोधूलि मुहूर्त- सायं 06:35 से सायं 06: 58 तक
रवि योग- पूरे दिन
अमृत काल- प्रातः 06:50 से प्रातः 08:21 तक
राम नवमी पूजा समय और शुभ योग
ज्योतिषविदों के अनुसार, 26 मार्च को प्रातः 11 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक पूजा का विशेष समय है। इसी दौरान दोपहर 12 बजकर 27 मिनट मध्याह्न बेला मानी जाती है, जिसे भगवान श्रीराम का वास्तविक जन्म समय माना जाता है। इस समय साधक भगवान श्रीराम की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। राम नवमी के दिन शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि-शिववास योग जैसे मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
सूर्योदय से पहले उठें और साफ-सुथरे होकर स्नान करें।
स्नान के बाद सूर्य को जल दें और उनका आशीर्वाद लें।
भगवान श्रीराम की पूजा और व्रत रखने का मन बनाएं।
घर के ईशान कोण में चौकी रखें, पीला कपड़ा बिछाएँ और उस पर श्रीराम की तस्वीर या मूर्ति रखें।
प्रभु को गंगाजल, चंदन, पुष्प, दीप, धूप, फल, मिठाई और नए वस्त्र अर्पित करें।
भगवान राम के मंत्रों का जाप करें और मन से उनका ध्यान लगाएँ।
रामरक्षा स्तोत्र पढ़ें और रामचरितमानस की चौपाइयाँ सुनें या पढ़ें।
रामायण या राम कथा का पाठ करें, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है।
पूजा समाप्ति पर श्रीराम की आरती करें और प्रसाद घर के सभी सदस्यों में बांटें।
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राम नवमी का महत्व
- फोटो : adobe stock
राम नवमी का महत्व
हिंदू धर्म के अनुसार, राम नवमी का दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इस दिन उनका पूजन और व्रत करने से घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु अगर इस दिन रामचरितमानस की चौपाइयाँ पढ़ते हैं और राम के मंत्रों का जप करते हैं, तो जीवन के सभी दुख और परेशानियाँ कम हो जाती हैं।
इसके अलावा, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राम नवमी का व्रत करने वाले साधक को जीवन में आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। मृत्यु के बाद ऐसे भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उन्हें स्वर्ग या बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है। यही कारण है कि राम नवमी को बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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