Masik Shivratri 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा का विधान है। मासिक शिवरात्रि भगवान शिव शंकर को प्रसन्न करने के लिए उत्तम तिथि मानी जाती है। धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि के दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ बहुत जल्द ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं और जिन लोगों पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं उनके जीवन में कभी भी परेशानियां नहीं आती। साथ ही उनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। तो चलिए आज जानते हैं ज्येष्ठ माह की शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि के बारे में....
Masik Shivratri 2022: कब है ज्येष्ठ की मासिक शिवरात्रि? जानें भगवान शिव की पूजन विधि, मुहूर्त और महत्व
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पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 28 मई दिन शनिवार को दोपहर 01 बजकर 09 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 29 मई, रविवार को दोपहर 02 बजकर 54 मिनट तक मान्य रहेगी।
मासिक शिवरात्रि के दिन रात में भगवान भोलेनाथ की पूजा का विधान है। ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त 28 मई को रात में 11 बजकर 58 मिनट से देर रात 12 बजकर 39 मिनट तक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि शिव शंकर को बेहद प्रिय है। इस दिन विधि-विधान के साथ पूजन व व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। शिवरात्रि पर व्रत और पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सकारात्मकता का संचार होता है। समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करें। इसके बाद विधि विधान से पूजन करें। इस दिन यदि मंदिर नहीं जा सकते तो घर पर रहकर ही पूजन करें।