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Puja ka sahi samay: सुबह, दोपहर या शाम क्या है पूजा करने के लिए सही समय, जानिए क्या कहते हैं नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनिया चौहान
Updated Fri, 07 Nov 2025 03:05 PM IST
सार
Puja samay: पूजा के माध्यम से भक्त और भगवान का आपस में जुड़ाव होता है। हर दिन पूजा-पाठ करने से परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में शुभता का आगमन होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा करने का एक खास समय होता है।
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पूजा-पाठ करने के लिए सही समय
- फोटो : Amar Ujala
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Puja niyam in hindi: हिंदू धर्म में रोज सुबह शाम पूजा-पाठ करने को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए प्रत्येक दिन सुबह-शाम घरों में पूजा की जाती है। पूजा करने से परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में शुभता का आगमन भी होता है। पूजा के माध्यम से भक्त और भगवान का आपस में जुड़ाव होता है। ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सभी भक्तजन विधि अनुसार पूजा पाठ करते हैं। हालांकि, आपकी पूजा का पुण्य फल तभी प्राप्त होगा, जब आप सही समय पूजा करेंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पूजा का शुभ समय
- फोटो : freepik
पूजा करने के लिए सही समय
आमतौर पर कुछ लोग किसी भी समय पूजा कर लेते हैं, ऐसा करना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार हर पूजा का समय भिन्न-भिन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा को सही समय पर ही करना चाहिए। ऐसा करने से पूजा सफल मानी जाती है और पुण्य फल की प्राप्ति भी होती है। आइए जानते हैं कि पूजा के लिए कौन सा समय शुभ माना जाता है।
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ब्रह्म मुहूर्त की विशेष पूजा
- फोटो : amar ujala
सुबह की पूजा
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले, यानी प्रायः 4:00 से 5:30 बजे तक), पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ऋग्वेद में वर्णन किया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त के समय देवता जागते हैं और सृष्टि में सात्विक ऊर्जा का संचार होता है। स्कंद पुराण के अनुसार सुबह की पूजा का पुण्य दोपहर या शाम में नहीं मिलता है। इस कारण सुबह 4:00 बजे से सूर्योदय तक का समय सामान्य और विशेष पूजा दोनों के लिए आदर्श है।
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पूजा करने की सही विधि
- फोटो : freepik
जानेंपूजा करने की सही विधि
पूजा के समय हमेशा अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। ऐसी मान्यता है कि पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखकर पूजा करने से घर में खुशियां बनी रहती है और बरकत होती है। इस दौरान अपने दाहिने ओर घंटी, धूप, दीप, अगरबत्ती व पूजा सामग्री को रखें। इस बात का ध्यान रखें कि, बिना सिर ढके पूजा नहीं करनी चाहिए। पूजा से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनने चाहिए। एक खास बात पूजा के दौरान हमेशा आसन का उपयोग करें।
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इस समय न करें पूजा
- फोटो : freepik
इस समय न करें पूजा
शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति को कभी भी दोपहर के समय पूजा नहीं करनी चाहिए। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक पूजा न करें। इस समय पर पूजा करने से फल प्राप्त नहीं होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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