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Sawan 2025: सावन में शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करते समय न करें ये गलतियां
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Wed, 23 Jul 2025 02:04 PM IST
सार
मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिन्हें गंगाजल के साथ शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित है। ऐसा करना शिव की कृपा के बजाय उनकी नाराजगी का कारण बन सकता है।
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किन चीजों को गंगाजल के साथ शिवलिंग पर चढ़ाना मना है?
- फोटो : adobe stock
Sawan Month 2025: सावन का पावन महीना चल रहा है। यह समय शिवभक्तों के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इस माह में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत-उपवास के माध्यम से भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। इस महीने शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा का अवतरण शिवजी की जटाओं से हुआ था। हालांकि कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिन्हें गंगाजल के साथ शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित है। ऐसा करना शिव की कृपा के बजाय उनकी नाराजगी का कारण बन सकता है।
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तुलसी के पत्ते
- फोटो : freepik
किन चीजों को गंगाजल के साथ शिवलिंग पर चढ़ाना मना है?
तुलसी के पत्ते
तुलसी का पत्ता भगवान विष्णु को प्रिय है, लेकिन इसे शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित माना गया है। गंगाजल के साथ तुलसी चढ़ाने से पूजा का फल नहीं मिलता और शिवजी अप्रसन्न हो सकते हैं।
तुलसी के पत्ते
तुलसी का पत्ता भगवान विष्णु को प्रिय है, लेकिन इसे शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित माना गया है। गंगाजल के साथ तुलसी चढ़ाने से पूजा का फल नहीं मिलता और शिवजी अप्रसन्न हो सकते हैं।
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कुमकुम और सिंदूर
- फोटो : adobe stock
कुमकुम और सिंदूर
कुमकुम और सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, जबकि शिवलिंग ब्रह्मचर्य और पुरुष तत्व का प्रतीक है। ऐसे में सावन में शिवलिंग पर गंगाजल के साथ इनका प्रयोग अशुभ माना जाता है।
कुमकुम और सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, जबकि शिवलिंग ब्रह्मचर्य और पुरुष तत्व का प्रतीक है। ऐसे में सावन में शिवलिंग पर गंगाजल के साथ इनका प्रयोग अशुभ माना जाता है।
अक्षत (कच्चे चावल)
- फोटो : adobe stock
अक्षत (कच्चे चावल)
पूजा में अक्सर अक्षत का उपयोग होता है, लेकिन शिवलिंग पर कच्चे चावल चढ़ाना वर्जित माना गया है। इससे पूजा की पवित्रता भंग हो सकती है।
पूजा में अक्सर अक्षत का उपयोग होता है, लेकिन शिवलिंग पर कच्चे चावल चढ़ाना वर्जित माना गया है। इससे पूजा की पवित्रता भंग हो सकती है।
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शंख से गंगाजल अर्पण करना
- फोटो : adobe stock
शंख से गंगाजल अर्पण करना
शंख समुद्र का तत्व है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पर शंख से गंगाजल अर्पित करना निषिद्ध है। इसका कारण यह है कि समुद्र मंथन से उत्पन्न विष को शिवजी ने ग्रहण किया था, और शंख उसी समुद्र का प्रतीक है। इसलिए शंख से गंगाजल चढ़ाना अशुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
शंख समुद्र का तत्व है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पर शंख से गंगाजल अर्पित करना निषिद्ध है। इसका कारण यह है कि समुद्र मंथन से उत्पन्न विष को शिवजी ने ग्रहण किया था, और शंख उसी समुद्र का प्रतीक है। इसलिए शंख से गंगाजल चढ़ाना अशुभ माना जाता है।
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