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Shukrawar Lakshmi Vrat: कल बन रहे हैं शुभ योग, इस विधि से करें शुक्रवार लक्ष्मी व्रत और पूजन

Thu, 13 Nov 2025 06:42 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Thu, 13 Nov 2025 06:42 PM IST
सार

ज्योतिष शास्त्र में यह दिन सप्ताह का सबसे शुभ दिन कहा गया है। मान्यता है कि शुक्रवार के दिन व्रत रखकर माता लक्ष्मी की पूजा करने और कन्याओं को खीर का भोग लगाने से देवी प्रसन्न होती हैं और हर प्रकार का सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।

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Shukrawar Lakshmi Vrat shubh yog know lakshmi vrat-puja vidhi
शुक्रवार लक्ष्मी व्रत - फोटो : Amar Ujala

Shukrawar Lakshmi Vrat: शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और उनके प्रिय भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-संपन्नता और वैभव का प्रतीक माना जाता हैं। शुक्रवार के दिन विधिवत रूप से लक्ष्मी जी की पूजा करने से जीवन में धन, सुख-सुविधा और स्थिरता बढ़ती है। ज्योतिष शास्त्र में यह दिन सप्ताह का सबसे शुभ दिन कहा गया है। मान्यता है कि शुक्रवार के दिन व्रत रखकर माता लक्ष्मी की पूजा करने और कन्याओं को खीर का भोग लगाने से देवी प्रसन्न होती हैं और हर प्रकार का सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।



14 नवंबर 2025, शुक्रवार का पंचांग 
द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तक रहेगा। राहुकाल का समय सुबह 10:45 से दोपहर 12:05 तक रहेगा। इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा सुबह 3:51 बजे तक सिंह राशि में रहकर उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्रवार को विडाल योग, मालव्य योग और द्विग्रह योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन शुक्रवार व्रत रखना अत्यंत फलदायी रहेगा।

Shukrawar Lakshmi Vrat shubh yog know lakshmi vrat-puja vidhi
शुभ योग का प्रभाव - फोटो : adobe stock

शुभ योग का प्रभाव
मालव्य योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना गया है। यह योग तब बनता है जब शुक्र ग्रह अपनी स्वयं की राशि में स्थित होते हैं। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व, धन, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है। कहा जाता है कि यह योग व्यक्ति के भाग्य को बदलने की क्षमता रखता है और उसके जीवन में समृद्धि का संचार करता है।

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Shukrawar Lakshmi Vrat shubh yog know lakshmi vrat-puja vidhi
शुभ योग का प्रभाव - फोटो : adobe stock

शुभ योग का प्रभाव
मालव्य योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना गया है। यह योग तब बनता है जब शुक्र ग्रह अपनी स्वयं की राशि में स्थित होते हैं। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व, धन, ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है। कहा जाता है कि यह योग व्यक्ति के भाग्य को बदलने की क्षमता रखता है और उसके जीवन में समृद्धि का संचार करता है।

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Shukrawar Lakshmi Vrat shubh yog know lakshmi vrat-puja vidhi
व्रत की अवधि - फोटो : adobe stock

व्रत की अवधि
शुक्रवार व्रत को आमतौर पर 16 शुक्रवार तक रखने की परंपरा है। यह व्रत शुक्र ग्रह को बल प्रदान करता है और उससे जुड़े दोषों को दूर करता है। कोई भी व्यक्ति इस व्रत की शुरुआत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से कर सकता है।

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शुक्रवार लक्ष्मी पूजा विधि - फोटो : adobe stock

शुक्रवार लक्ष्मी पूजा विधि
शुक्रवार की सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें। लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाएं और फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग लगाएं। फिर ‘श्री सूक्त’ और ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करें। इसके बाद “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।” मंत्र का जप करें। साथ ही “विष्णुप्रियाय नमः” मंत्र का जप भी शुभ माना गया है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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