Vastu Tips For Health: वास्तु शास्त्र में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाओं के संतुलन के आधार पर ही व्यक्ति के जीवन में अच्छा या बुरा प्रभाव पड़ता देखने को मिलता है। भारतीय वास्तु शास्त्र प्रकृति और पंचतत्वों के समन्वय के आधार चलता है। अगर व्यक्ति के आसपास के क्षेत्र में पंचतत्वों में असंतुलन आता है तो कई तरह के रोग पैदा होने लगते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर इन पंचतत्वों में एक भी चीज में असंतुलन पैदा होता है तो कष्टों का सामना करना पड़ता है। घर पर वास्तु दोष होने पर कई तरह की बीमारियों का साया मंडराने लगता है। ऐसे में भारतीय वास्तु शास्त्र में यह बताया है कि घर की संरचना, दिशा और ऊर्जा सही होने पर स्वास्थ्य पर सही असर पड़ता है। घर में वास्तु दोष होने पर नकारात्मक ऊर्जा रहती है जिससे कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं बीमाारियों से बचने के लिए घर का वास्तु कैसा होना चाहिए और किन वास्तु के नियमों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
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Vastu Tips For Health: घर पर इस तरह के वास्तु दोष होने पर हो सकते हैं तरह-तरह के रोग
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 22 Jul 2025 02:02 PM IST
सार
वास्तु शास्त्र के अनुसार पंचतत्वों में एक भी चीज में असंतुलन पैदा होता है तो कष्टों का सामना करना पड़ता है। घर पर वास्तु दोष होने पर कई तरह की बीमारियों का साया मंडराने लगता है।
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घर में वास्तु दोष होने पर तरह-तरह की बीमारियां होती है।
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- जिन घरों की भूमि के नैऋत्य कोण में ढलान होती है वहां पर रोग होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। वहीं जिस भूमि के वायु कोण में ढलान होती है वहां पर रोग उत्पन्न होता है।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन घरों में मुख्य दरवाजे का रास्ता वास्तु सम्मत नहीं होता है वहां पर वास्तु पुरुष के अंग में दोष उत्पन्न होने लगता है जिससे घर के स्वामी का भी उस अंग में तरह-तरह के रोग पनपने लगते हैं।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन घरों में मुख्य दरवाजे का रास्ता वास्तु सम्मत नहीं होता है वहां पर वास्तु पुरुष के अंग में दोष उत्पन्न होने लगता है जिससे घर के स्वामी का भी उस अंग में तरह-तरह के रोग पनपने लगते हैं।
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Vastu Tips
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- वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन घर में खिड़कियों में वास्तु संबंधी कोई दोष रहता है। वहां पर रहने वाले लोग अक्सर बीमार ही रहते हैं।
- जिन घरों में गर्भवती स्त्री हों वहां के खिड़कियों और दरवाजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के दरवाजे को खोलते या बंद करते समय आवाज नहीं आनी चाहिए। ऐसे होने पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
- जिन घरों में गर्भवती स्त्री हों वहां के खिड़कियों और दरवाजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के दरवाजे को खोलते या बंद करते समय आवाज नहीं आनी चाहिए। ऐसे होने पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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Vastu Tips for Home
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- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के कमरों बीम के नीचे सोना, बैठना या पढ़ाई करना बहुत ही हानिकारक होता है। ऐसे में बीम के नीचे कार्यों को करने से बचना चाहिए।
- बेड पर गद्दे के नीचे कोई दवा, कागज या रुपया-पैसा नहीं होना चाहिए। इससे शरीर के अलग-अलग अंगों में परेशानियां आती हैं। यह मानसिक तनाव, थकान और नींद की कमी का कारण भी बनता है। इसलिए बिस्तर के नीचे सफाई रखें और अनावश्यक वस्तुएं हटाएं।
- बेड पर गद्दे के नीचे कोई दवा, कागज या रुपया-पैसा नहीं होना चाहिए। इससे शरीर के अलग-अलग अंगों में परेशानियां आती हैं। यह मानसिक तनाव, थकान और नींद की कमी का कारण भी बनता है। इसलिए बिस्तर के नीचे सफाई रखें और अनावश्यक वस्तुएं हटाएं।
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Vastu Tips for office
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- व्यक्ति को रात से समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखकर सोना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर सिर रखकर सोने से रक्त प्रवाह में बाधा आती है और बार-बार सिरदर्द, थकावट या अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
- वास्तु दोष के अनुसार अगर शौचालय उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में है तो यह वास्तु दोष माना जाता है। इससे मानसिक तनाव, बीमारियां और रोगों में इजाफा होता है।
- यदि रसोई और बाथरूम आमने-सामने हों तो यह अग्नि और जल तत्वों का टकराव दर्शाता है। इससे घर के सदस्यों में बीमारियाँ और तनाव बढ़ सकता है।
- घर में पानी का टैंक या बोरिंग उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। गलत दिशा में पानी के स्रोत मानसिक तनाव और रोग का कारण बन सकते हैं।
- वास्तु दोष के अनुसार अगर शौचालय उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में है तो यह वास्तु दोष माना जाता है। इससे मानसिक तनाव, बीमारियां और रोगों में इजाफा होता है।
- यदि रसोई और बाथरूम आमने-सामने हों तो यह अग्नि और जल तत्वों का टकराव दर्शाता है। इससे घर के सदस्यों में बीमारियाँ और तनाव बढ़ सकता है।
- घर में पानी का टैंक या बोरिंग उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। गलत दिशा में पानी के स्रोत मानसिक तनाव और रोग का कारण बन सकते हैं।