{"_id":"699966d20e1812b80f015220","slug":"chanakya-niti-how-to-know-peoples-personality-how-can-you-identify-a-persons-true-character-2026-02-21","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Chanakya Niti: चाणक्य ने बताए किसी व्यक्ति के वास्तविक चरित्र की पहचान करने के ये पांच संकेत","category":{"title":"Wellness","title_hn":"पॉज़िटिव लाइफ़","slug":"wellness"}}
Chanakya Niti: चाणक्य ने बताए किसी व्यक्ति के वास्तविक चरित्र की पहचान करने के ये पांच संकेत
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 21 Feb 2026 03:25 PM IST
सार
चाणक्य नीति के अनुसार, इंसान की नीयत उसके व्यवहार, उसकी चुप्पी और उसके दोहराए जाने वाले आचरण से प्रकट होती है। जो व्यक्ति इन संकेतों को पहचानना सीख लेता है, वह सजग और समझदार बन जाता है। आइए जानते हैं कि किसी इंसान की फितरत के बारे में किन संकेतों के देखने अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
इंसान की असली नीयत कैसे पहचानें?
- फोटो : Amar Ujala
Chanakya Niti: आज के समय में अक्सर लोगों के इरादों को समझना काफी मुश्किल हो गया है। कई बार व्यक्ति कुछ और कहता है और करता कुछ और है, जिससे यह समझना कठिन हो जाता है कि किस पर भरोसा किया जाए और इस पर नहीं। यह स्थिति नई नहीं है। प्राचीन राजदरबारों में भी सच और झूठ की पहचान करना आसान नहीं था। ऐसे में चाणक्य ने बिना अधिक बातचीत किए ही लोगों को समझने की कला विकसित की। उनकी नीति के अनुसार, इंसान की नीयत उसके व्यवहार, उसकी चुप्पी और उसके दोहराए जाने वाले आचरण से प्रकट होती है। जो व्यक्ति इन संकेतों को पहचानना सीख लेता है, वह सजग और समझदार बन जाता है। आइए जानते हैं कि किसी इंसान की फितरत के बारे में किन संकेतों के देखने अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वार्थ
चाणक्य के अनुसार, किसी व्यक्ति को समझने का सबसे सही समय वह होता है जब उसके सामने कोई स्वार्थ न हो। जब न पुरस्कार की चाह हो, न प्रशंसा की उम्मीद और न कोई निजी लाभ, तब व्यक्ति दिखावा नहीं करता। ऐसे अवसरों पर उसका असली चरित्र सामने आता है। जो बिना निगरानी के जिम्मेदारी निभाता है, जो नुकसान होने पर भी ईमानदारी नहीं छोड़ता, वही अपनी सच्ची नीयत दिखाता है। यदि किसी की अच्छाई केवल लाभ मिलने तक सीमित है, तो वही उसका वास्तविक स्वभाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 5
जिम्मेदारी से बचना
- फोटो : Amar Ujala
जिम्मेदारी से बचना
चाणक्य ने टालमटोल को भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना। कोई व्यक्ति चाहे कितने भी बड़े वादे करे, लेकिन वह किन बातों से बचता है, यह ज्यादा मायने रखता है। जिम्मेदारी से भागना, स्पष्ट जवाब न देना या कठिन बातचीत से कतराना अक्सर छिपी हुई मंशा की ओर इशारा करता है। इंसान स्वभाव से उन परिस्थितियों से दूर रहना चाहता है जो उसकी योजना या सुविधा के खिलाफ हों। इसलिए बार-बार का टालना केवल कमजोरी नहीं, बल्कि नीयत का संकेत हो सकता है।
4 of 5
तनाव और संकट
- फोटो : Adobe stock photos
तनाव और संकट
तनाव और संकट भी व्यक्ति का असली चेहरा सामने लाता है। चाणक्य मानते थे कि दबाव इंसान को बदलता नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपे स्वभाव को उजागर करता है। जब हालात चुनौतीपूर्ण हों, तब देखें कि कोई व्यक्ति ईमानदार रहता है या चालाकी अपनाता है, शांत रहता है या आक्रामक हो जाता है। संकट में दिखने वाला व्यवहार ही गहरी आदतों का प्रतिबिंब होता है।
विज्ञापन
5 of 5
वफादारी
- फोटो : Adobe stock
वफादारी
वफादारी के बारे में भी चाणक्य की सोच स्पष्ट थी। सार्वजनिक प्रशंसा से ज्यादा महत्व इस बात का है कि व्यक्ति निजी तौर पर किसका सम्मान करता है। वह किसकी राय को अहमियत देता है और किसकी सीमाओं का स्वाभाविक सम्मान करता है, यहीं से उसकी प्राथमिकताएं समझ आती हैं। किसी को एक बार की घटना से नहीं आंकना चाहिए। असली नीयत समय के साथ दोहराए गए व्यवहार में झलकती है। लगातार दिखने वाला आचरण ही सच्चाई का सबसे मजबूत प्रमाण होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।