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Paris Olympics: तीरंदाज दीपिका बोलीं- पेरिस में बेटी की कमी खलेगी, लेकिन ओलंपिक पदक के सामने यह कुछ भी नहीं
Fri, 26 Jul 2024 05:35 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 26 Jul 2024 05:35 PM IST
सार
दीपिका ओलंपिक की तैयारियों के लिए लगभग दो महीने तक बेटी से दूर रही। पेरिस के लिए उड़ान भरने से पहले पुणे के सेना खेल संस्थान में वह कुछ समय के लिए अपने पति तीरंदाज अतनु दास और अपनी बेटी के साथ रहीं।
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दीपिका कुमारी
- फोटो : PTI
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आज से शुरू हो रहे ओलंपिक में चुनौती पेश करने को तैयार दीपिका कुमारी को अपनी 19 महीने की बेटी की कमी यहां खल रही है लेकिन इस भारतीय तीरंदाज के लिए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित खेल आयोजन में पदक के सपने को पूरा करने के सामने यह बहुत छोटा सा त्याग है। दीपिका चौथी बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही है लेकिन उन्हें अब भी इन खेलों में अपने पहले पदक का इंतजार है। दीपिका को बेटी से दूर रहने की निराशा है लेकिन ओलंपिक पदक के सामने उन्हें इससे कोई शिकायत नहीं है।
दीपिका कुमारी
- फोटो : PTI
दीपिका ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अपनी बेटी से दूर होने के दर्द को बयां करना मुश्किल है लेकिन यह उस चीज को हासिल करने के बारे में भी है जिसके लिए हम इतने वर्षों से लगातार मेहनत कर रहे हैं।' दीपिका ओलंपिक की तैयारियों के लिए लगभग दो महीने तक बेटी से दूर रही। पेरिस के लिए उड़ान भरने से पहले पुणे के सेना खेल संस्थान में वह कुछ समय के लिए अपने पति तीरंदाज अतनु दास और अपनी बेटी के साथ रहीं।
दीपिका ने कहा, 'मुझे उसकी काफी कमी खलती है, लेकिन इसमें कुछ नहीं कर सकते है। वह किसी के साथ भी जल्दी घुलमिल जाती है और वह अतनु और मेरे ससुराल के लोगों के साथ अच्छी तरह से घुलमिल गई है।' दीपिका के लिए दिसंबर 2022 में मां बनने के बाद खेलों में वापसी करना काफी मुश्किल था। उनकी मांसपेशियों में जकड़न आ गई और उनके लिए 19 किलो का धनुष उठाना लगभग असंभव हो गया।
दीपिका ने कहा, 'मुझे उसकी काफी कमी खलती है, लेकिन इसमें कुछ नहीं कर सकते है। वह किसी के साथ भी जल्दी घुलमिल जाती है और वह अतनु और मेरे ससुराल के लोगों के साथ अच्छी तरह से घुलमिल गई है।' दीपिका के लिए दिसंबर 2022 में मां बनने के बाद खेलों में वापसी करना काफी मुश्किल था। उनकी मांसपेशियों में जकड़न आ गई और उनके लिए 19 किलो का धनुष उठाना लगभग असंभव हो गया।
दीपिका कुमारी और अतनु
- फोटो : PTI
अतनु ने उस समय को याद करते हुए कहा, 'हमने इस तरह से योजना बनाई थी कि हम पेरिस में प्रतिस्पर्धा कर सकें। लेकिन मां बनने के बाद उसके लिए सब कुछ शून्य से शुरू करने जैसा था। तीर चलाने के धनुष उठाने तो दूर की बात थी वह अपने दैनिक काम को भी करने में सक्षम नहीं थी। उसने धीरे-धीरे जॉगिंग करना शुरू किया और फिर जिम में बहुत मेहनत की।'
दीपिका को तो यहां तक लग गया था कि उनका करियर खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, 'दीपिका उस समय मुझ से कहती थी लगता है कि करियर खत्म हो गया। मैं तीरंदाजी नहीं कर पाउंगी।' दीपिका ने हालांकि हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत के साथ पिछले साल गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार वापसी की। उन्होंने इसके बाद कोरिया के दिग्गज कोच किम ह्युंग-टाक की देखरेख में अभ्यास करने का फैसला किया।
दीपिका को तो यहां तक लग गया था कि उनका करियर खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, 'दीपिका उस समय मुझ से कहती थी लगता है कि करियर खत्म हो गया। मैं तीरंदाजी नहीं कर पाउंगी।' दीपिका ने हालांकि हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत के साथ पिछले साल गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार वापसी की। उन्होंने इसके बाद कोरिया के दिग्गज कोच किम ह्युंग-टाक की देखरेख में अभ्यास करने का फैसला किया।
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दीपिका कुमारी
- फोटो : PTI
दीपिका ने कहा, 'यह सिर्फ कौशल में सुधार करने के बारे में नहीं था। उनका मार्गदर्शन तीरंदाजी में स्पष्टता लाने में भी भूमिका निभाता है। इससे मुझे काफी फायदा हुआ।' दीपिका इसके बाद शंघाई विश्व कप में रजत पदक जीतने के साथ तीन महीने तक चले चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन किया। तीस साल की यह खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही जबकि अतनु इसमें जगह बनाने से चूक गए।
टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली दीपिका ने पेरिस में कई यादगार परिणाम हासिल किये है और उन्हें इस शहर में एक बार अच्छे नतीजे की उम्मीद है। वह 2021 विश्व कप में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरा करने में सफल रही। वह फ्रांस की राजधानी में पिछले साल विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीतने में सफल रही।
टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली दीपिका ने पेरिस में कई यादगार परिणाम हासिल किये है और उन्हें इस शहर में एक बार अच्छे नतीजे की उम्मीद है। वह 2021 विश्व कप में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरा करने में सफल रही। वह फ्रांस की राजधानी में पिछले साल विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीतने में सफल रही।
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दीपिका कुमारी
- फोटो : PTI
दीपिका ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि हमारे देश में ओलंपिक को लेकर इतनी बातचीत क्यों होती है। ओलंपिक नजदीक आने पर हर कोई तीरंदाजी की ओर देखता है और इससे अनावश्यक दबाव पैदा होता है। हमें इसे किसी अन्य प्रतियोगिता की तरह ही लेना होगा। भारतीयों पर मानसिक दबाव काफी अधिक है।'
दीपिका इन खेलों से पहले ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहना चाहती है। उन्होंने कहा, 'मैं सुर्खियों में नहीं रहना चाहती हूं। हमने यहां तक पहुंचने में सक्षम होने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। अब अनुकूल ड्रा पाने के लिए हमें क्वालीफिकेशन में अच्छी रैंक हासिल करनी होगी।' ओलंपिक में व्यक्तिगत रैंकिंग को मिश्रित टीम का निर्धारण के लिए अहम माना जाता है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए दीपिका और धीरज बोम्मदेवरा की मिश्रित युगल में जोड़ी बन सकती हैं।
दीपिका इन खेलों से पहले ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहना चाहती है। उन्होंने कहा, 'मैं सुर्खियों में नहीं रहना चाहती हूं। हमने यहां तक पहुंचने में सक्षम होने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। अब अनुकूल ड्रा पाने के लिए हमें क्वालीफिकेशन में अच्छी रैंक हासिल करनी होगी।' ओलंपिक में व्यक्तिगत रैंकिंग को मिश्रित टीम का निर्धारण के लिए अहम माना जाता है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए दीपिका और धीरज बोम्मदेवरा की मिश्रित युगल में जोड़ी बन सकती हैं।