टिक टॉक ऐप के बारे में आप जानते ही होंगे और यदि आप नहीं जानते हैं तो इतना समझ लीजिए आपका सोशल इस्तेमाल करना बेकार है। वैसे तो टिक टॉक का विरोध भारत में पहले से ही हो रहा है, लेकिन अब मद्रास हाई कोर्ट ने टिक टॉक ऐप के डाउनलोड्स को बंद करने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया है। तो अब सवाल यह है कि आखिर यह टिक टॉक है क्या जिसके पीछे पूरी दुनिया पागल हो रही है। आइए जानते हैं।
आखिर क्या है टिक टॉक, जिसके पीछे पागल हैं भारत के युवा और हो रही बंद करने की मांग
एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू? बैकग्राउंड में दीपिका पादुकोण की आवाज में 'ओम शांति ओम' फिल्म का ये डायलॉग सुनाई पड़ता है और सामने एक आम लड़की का चेहरा दिखता है। लड़की अपनी उंगलियां माथे की ओर ले जाती है और भावुक आंखों से डायलॉग की तर्ज पर अपने होंठ हिलाती है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर शख्स ऐसे छोटे-छोटे वीडियो से दो-चार होता है। ऐसे ज्यादातर वीडियो चीनी ऐप 'टिक-टॉक' की देन हैं।
क्या है टिक टॉक
टिक-टॉक' एक सोशल मीडिया ऐप्लिकेशन है जिसके जरिए स्मार्टफोन यूजर छोटे-छोटे वीडियो (15 सेकेंड तक के) बना और शेयर कर सकते हैं। 'बाइट डान्स' इसके स्वामित्व वाली कंपनी है जिसने चीन में सितंबर, 2016 में 'टिक-टॉक' लॉन्च किया था। साल 2018 में 'टिक-टॉक' की लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ी और अक्टूबर 2018 में ये अमेरिका में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया। अमेरिका में टिक टॉक पर 40 करोड़ का जुर्माना भी लग चुका है। गूगल प्ले स्टोर पर टिक-टॉक का परिचय 'Short videos for you' (आपके लिए छोटे वीडियो) कहकर दिया गया है। प्ले-स्टोर पर टिक-टॉक को परिभाषित कहते हुए लिखा गया है- टिक-टॉक मोबाइल से छोटे-छोटे वीडियो बनाने का कोई साधारण जरिया नहीं है। इसमें कोई बनावटीपन नहीं है, ये रियल है और इसकी कोई सीमाएं नहीं हैं। टिक-टॉक पर आइए और 15 सेकेंड में दुनिया को अपनी कहानी बताइए।
भारत में टिक-टॉक के डाउनलोड का आंकड़ा 100 मिलियन के ज्यादा है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इसे हर महीने लगभग 20 मिलियन भारतीय इस्तेमाल करते हैं। भारतीयों में टिक-टॉक की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आठ मिलियन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर पर इसका रिव्यू किया है। दिलचस्प बात ये है कि 'टिक-टॉक' इस्तेमाल करने वालों में एक बड़ी संख्या गांवों और छोटे शहरों के लोगों की है। इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि टिक-टॉक की दीवानगी सात-आठ साल की उम्र के छोटे-छोटे बच्चों के तक के सिर चढ़कर बोल रही है।
टिक-टॉक से वीडियो बनाते वक्त आप अपनी आवाज का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आपको 'लिप-सिंक' करना होता है। जहां फेसबुक और ट्विटर पर 'ब्लू टिक' पाने यानी अपना अकाउंट वेरिफाई कराने के लिए आम लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है वहीं, टिक-टॉक पर वेरिफाइड अकाउंट वाले यूजर्स की संख्या बहुत बड़ी है। और हां, इसमें 'ब्लू टिक' नहीं बल्कि 'ऑरेंज टिक' मिलता है। जिन लोगों को 'ऑरेंज टिक' मिलता है उनके अकाउंट में 'पॉपुलर क्रिएटर' लिखा दिखाई पड़ता है। साथ ही अकाउंट देखने से ये भी पता चलता है कि यूजर को कितने 'दिल' (Hearts) मिले हैं, यानी अब तक कितने लोगों ने उसके वीडियो पसंद किए हैं। टिक टॉक प्रतिभा को दुनिया को दिखाने के अलावा कमाई का भी जरिया बन गया है।