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मोबाइल की बैटरी के बारे में पांच झूठ, जिन्हें दुनिया मानती है सच

Mon, 03 Feb 2020 03:07 AM IST
अजय वर्मा टेक डेस्क, अमर उजाला
टेक डेस्क, अमर उजाला Published by: अजय वर्मा Updated Mon, 03 Feb 2020 03:07 AM IST
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5 common mobile battery myths you probably believe know all details in hindi
common mobile battery myths - फोटो : amar ujala

दुनिया में मोबाइल यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही इन डिवाइसेज के इस्तेमाल और मेंटेनेंस के तरीकों में वृद्धि हुई है। तो ऐसे में फोन के लिए सबसे महत्वपूर्ण इसकी बैटरी है, जिसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हालांकि, मोबाइल फोन को लेकर कई सारी अफवाहें हैं, जिनपर लोग आंख मूंद कर विश्वास करते हैं। आज हम आपको स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़े कई झूठ के बारे में बताएंगे, जिनकी सच्चाई जानकर आप हैरान हो जाएंगे। तो चलिए जानते हैं मोबाइल की बैटरी की सच्चाई...

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smartphone battery

ओवर चार्जिंग से फोन की बैटरी को नहीं होता है नुकसान
आमतौर पर माना जाता है कि फोन को ओवर चार्ज करने से फोन की बैटरी को बहुत नुकसान होता है। ओवर चार्जिंग से फोन की बैटरी ब्लास्ट भी हो सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि फोन की बैटरी में ऐसा सिस्टम दिया जाता है, जिससे फोन फुल चार्ज होने पर इलेक्ट्रिसिटी को डिस्कनेक्ट कर देता है। इस सिस्टम से फोन की बैटरी को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एपल ने आईफोन 10 और आईफोन 11 में ऑप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग फीचर दिया है। इस फीचर के जरिए फोन 80 फीसदी बैटरी खत्म होने पर मौजूदा एप्स को ऑप्टिमाइज कर देता है, जिससे बैटरी 20 फीसदी होने पर ड्रेन नहीं होती है।

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Mobile Battery

पूरी बैटरी खत्म होने के बाद करें चार्ज 
सभी का मानना है कि स्मार्टफोन की बैटरी को जीरो से चार्ज करना चाहिए। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करने से फोन की बैटरी को नुकसान होता है। डिस्चार्ज होने से बैटरी में रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं, जिससे बैटरी बैकअप कम हो जाता है। वहीं, कई टेक कंपनियां इस समस्या से निपटने के लिए अपने फोन में बैटरी मैनेंजमेंट फीचर देती हैं, जो एप्स को ऑप्टिमाइज कर बैटरी लेवल को जीरो नहीं होने देता है।

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फोन की बैटरी को फ्रिजर में रखने से बैकअप होता है अच्छा
ज्यादातर लोग फोन गरम होने पर बैटरी को निकाल देते हैं या फिर बैटरी को फ्रिजर में रख देते हैं। लेकिन ऐसा करने से बैटरी को ही नुकसान पहुंचता है और बैटरी बैकअप में सुधार भी नहीं होता है। हालांकि, बैटरी बैकअप को बढ़ाने के लिए फोन में मौजूदा फीचर्स को इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके साथ ही उन एप्स को डिलीट कर देना चाहिए, जिनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता है।

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फोन की बैटरी को सार्वजनिक पोर्ट से चार्ज करना है सुरक्षित
ज्यादातर लोग एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर लगे चार्जिंग पोर्ट से फोन चार्ज करते हैं। साथ ही उन्हें लगता है कि इससे फोन चार्ज करना बहुत सुरक्षित है। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि इससे लोगों का निजी डाटा लीक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना हैं कि हैकर्स इस तरह के चार्जिंग पोर्ट पर रीडर पोर्ट लगा देते हैं, जिससे लोगों की निजी फोटो, वीडियो और मैसेज लीक हो जाती हैं। तो ऐसे में लोगों फोन चार्ज करने के लिए पावरबैंक का इस्तेमाल करना चाहिए, जो कि बहुत सुरक्षित तरीका है।

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