एक तरफ जहां भारत सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है, तो दूसरी तरफ लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी भी तेजी से बढ़ रही है। बीते कई वर्षों में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले तेजी बढ़े हैं। हाल ही में एक मामला सामने आया था, जिसमें एक शख्स को 11 करोड़ रुपये का चूना लगा था। आज हम आपको अपनी इस खबर में पांच ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे, जो हैकर्स लोगों को ठगने के लिए इस्तेमाल करते हैं। तो आइए जानते हैं इन तरीकों के बारे में...
इन पांच तरीकों से हैकर्स को मिलती है आपके बैंक अकाउंट की चाबी, ना करें ये गलती
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Smishing
हैकर्स इस तरीके के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को निशाना बनाते हैं। हैकर्स ग्राहकों को कैशबैक या बंपर डिस्काउंट का लालच देते है, जिसके चलते वह सारी निजी जानकारी (डेबिट या क्रेडिट कार्ड) हैकर्स के साथ साझा कर देते हैं। इसके बाद हैकर्स उनके खाते से सारे पैसे उड़ा लेते हैं।
हैकर्स इस तरीके के तहत सार्वजनिक चार्जिंग पोर्ट पर फाइल या कार्ड रीडर चिप लगा देते हैं। आपको बता दें कि यह चिप चार्जिंग पोर्ट पर लगने वाले स्मार्टफोन का सारा निजी डाटा कॉपी कर लेते हैं और साथ ही फोन में वायरस डाल देते हैं।
Remote assistance
इस धोखाधड़ी के तहत, हैकर्स लोगों को क्विक स्पोर्ट और एनीडेस्क जैसे एप्स डाउनलोड करने को कहते हैं। इसके बाद ये एप्स हैकर्स को लोगों के फोन का पूरा एक्सेस दे देते हैं। इससे लोगों की पूरी निजी जानकारी हैकर्स तक पहुंच जाती है और हैकर्स दूर बैठे आपको फोन को कंट्रोल करता है।
Phishing
इस फ्रॉड के तहत हैकर्स लोगों को वायरस वाले लिंक या एसएमएस भेजते हैं और इसके बाद निजी जानकारी शेयर करने को कहते हैं। जानकारी साझा करने के कुछ ही घंटों में हैकर्स लोगों के खाते से लाखों रुपये उठा लेते हैं।