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One Watt Rule: 'वन वॉट रूल' क्या है? जानिए कैसे ये छोटे सा नियम हर दिन बचा रहा है अरबों यूनिट बिजली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:01 AM IST
सार
Electricity Saving: इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाली बिजली की बर्बादी को रोकने के लिए आज से 25 साल पहले 'वन वॉट रूल' लाया गया था। आज इसी नियम के वजह से हर दिन करोड़ों यूनिट बिजली की बचत हो रही है। आइए जानते हैं क्या है यह नियम...
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जानिए क्या है वन वॉट रूल
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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आपने रात को टीवी देखा और रिमोट से उसे बंद कर दिया। आपको लगता है कि टीवी बंद हो गया और अब बिजली खर्च नहीं हो रही है। लेकिन सच तो यह है कि आपका टीवी, एसी, माइक्रोवेव और कंप्यूटर बंद होने के बाद भी चुपचाप बिजली खाते रहते हैं। इसे तकनीकी भाषा में 'स्टैंडबाय पावर' (Standby Power) या 'वैम्पायर पावर' कहा जाता है। यानी आपने स्विच से टीवी या एसी बंद नहीं की तो ये थोड़ी-बहुत बिजली खाते रहेंगे। घरों में होने वाली इसी छुपी हुई बिजली की खपत को रोकने के लिए दुनिया भर में एक बेहद खास नियम बनाया गया था, जिसे 'वन वॉट रूल' (One Watt Rule) के नाम से जाना जाता है। आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं।
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क्या था यह संकट और कैसे बना नियम?
- फोटो : Adobe Stock
क्या था यह संकट और कैसे बना नियम?
1990 के दशक में जब घरों में इलेक्ट्रॉनिक सामान बढ़ने लगे, तब एक बड़ी समस्या सामने आई। उस समय के टीवी और म्यूजिक सिस्टम बंद होने (स्टैंडबाय मोड) पर भी 5 से 10 वॉट तक बिजली खर्च करते थे। अगर एक घर में ऐसे कई डिवाइस हों और दुनिया भर के करोड़ों घरों को मिला लिया जाए, तो बिना इस्तेमाल के ही हर दिन लाखों किलोवॉट बिजली बर्बाद हो रही थी।
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1999 में बना नियम
- फोटो : AI
इस भारी बर्बादी को देखकर साल 1999 में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों और कंपनियों से कहा कि हमें एक ऐसा नियम बनाना चाहिए जिससे कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस स्टैंडबाय मोड में 1 वॉट से ज्यादा बिजली खर्च न करे। इसी पहल को 'वन वॉट रूल' का नाम दिया गया।
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कंपनियों बनाए स्मार्ट पावर मैनेजमेंट
- फोटो : अमर उजाला
कंपनियों ने कैसे किया बदलाव?
इस नियम के आने के बाद टेक कंपनियों को अपने डिवाइस बनाने के तरीके में बड़ा बदलाव करना पड़ा। पहले डिवाइस के अंदर के सर्किट हर समय पूरी तरह ऑन रहते थे ताकि रिमोट का बटन दबाते ही मशीन तुरंत चालू हो जाए। लेकिन नए नियम के बाद कंपनियों ने ऐसे स्मार्ट पावर मैनेजमेंट सिस्टम बनाए जो मशीन के बंद होने पर उसके ज्यादातर हिस्सों की पावर कट कर देते हैं। केवल रिमोट का सिग्नल पकड़ने वाला एक छोटा सा सेंसर ऑन रहता है, जो 1 वॉट से भी कम बिजली लेता है।
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बीईई स्टार रेटिंग
- फोटो : AI
आज के समय में इसका असर
साल 2010 और 2013 के आसपास यूरोप, अमेरिका और दुनिया के कई अन्य हिस्सों में इसे एक कड़े कानून के तौर पर लागू कर दिया गया। भारत में भी ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) स्टार रेटिंग देते समय इस बात का खास ध्यान रखता है। आज जब आप बाजार से कोई 4-स्टार या 5-स्टार रेटिंग वाला नया स्मार्ट टीवी या फ्रिज लाते हैं, तो वह इसी 'वन वॉट रूल' को ध्यान में रखकर बनाया गया होता है।
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