{"_id":"5cfdf5d4bdec22076d206e21","slug":"pubg-mobile-boy-hangs-himself-during-playing-pubg-game-in-bihar-bhagalpur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"PUBG खेलते-खेलते फंदे से लटक गया 17 साल का पीयूष, कमरे से मिला सुसाइड नोट","category":{"title":"Tech Diary","title_hn":"टेक डायरी","slug":"tech-diary"}}
PUBG खेलते-खेलते फंदे से लटक गया 17 साल का पीयूष, कमरे से मिला सुसाइड नोट
टेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रदीप पांडे
Updated Mon, 10 Jun 2019 12:29 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
PUBG MOBILE (सांकेतिक)
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आई है कि पबजी मोबाइल दुनिया का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला ऐप बन गया है। एक बिजनेस की नजर से तो यह एक अच्छी खबर है लेकिन पबजी का दूसरा पहलू यह भी है इसके कारण लोगों की आदत खराब हो रही है और इसके पागलपन में लोग अपनी जान भी दे रहे हैं। नई खबर बिहार के भागलपुर जिले से है जहां एक 17 साल के लड़के ने पबजी खेलते-खेलते आत्महत्या कर ली है। आइए जानते हैं पूरा मामला...
2 of 5
playing pubg
- फोटो : Social Media
यह घटना बिहार के भागलपुर के दाउदबाट की है। रिपोर्ट के मुताबिक पीयूष नाम का एक लड़का शाम से ही अपने फोन पर पबजी खेल रहा था। रात के 10 बजे उसकी मां ने उसे खाना खाने के लिए बुलाया और पबजी खेलने से मना किया।
3 of 5
pubg
मां के मना करने पर पीयूष ने गुस्से में बोला- 'जब मेरा मन करेगा, मैं खा लूंगा। मुझे टेंशन मत दो।' इसके बाद रात के 11 बजे उसे पिता खाना लेकर छत पर उसके कमरे में गए तो देखा कि उनका बेटा फंदे से लटक रहा है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
PUBG
पोस्टमार्टम के बाद एसएसपी आशीष भारती का कहना है कि पबजी खेलने के दौरान उसके ग्रुप के मेंबर्स लगातार मारे जा रहे थे जिससे वह काफी परेशान था और और इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। भारती ने अन्य लोगों से भी अपने बच्चों पर नजर रखने को कहा है। अगली स्लाइड में पढ़ें पीयूष का सुसाइट नोट...
विज्ञापन
5 of 5
pubg game
- फोटो : Polygon
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीयूष के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें उसने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। उसने नोट में माता-पिता से अपने बच्चों पर किसी चीज के लिए दबाव ना बनाने की अपील भी की है। पीयूष ने नोट में लिखा है कि बच्चों पर दबाव बनाने से वे और खराब हो जाते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।