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Report: स्क्रीनशॉट ले लो, बाद में देखेंगें...कहीं ये आदत तो नहीं बना रही आपको भुलक्कड़? शोध में हुआ खुलासा
Sat, 22 Aug 2026 12:45 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:45 PM IST
सार
Digital Amnesia Screenshots: स्मार्टफोन पर कोई जरूरी जानकारी, खूबसूरत फोटो या मैसेज देखते ही तुरंत स्क्रीनशॉट ले लेना हमारी आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही आदत आपकी याददाश्त को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है? अब आप सोच रहे होंगे कि भला स्क्रीनशॉट लेने का याददाश्त से क्या संबंध? तो एक हालिया रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि किसी चीज का स्क्रीनशॉट लेकर गैलरी में सेव कर लेने से आपका दिमाग उस जानकारी को याद रखना बंद कर देता है। आइए जानते हैं कि इस रिसर्च में और क्या बड़े दावे किए गए हैं और आप इस डिजिटल भूलने की बीमारी से खुद को कैसे बचा सकते हैं।
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स्क्रीनशॉट कर रही याददाश्त को कमजोर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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Photo Taking Impairment Effect: जरूरी मैसेज आया, तुरंत स्क्रीनशॉट... कोई खूबसूरत तस्वीर दिखी, फिर स्क्रीनशॉट... अगर आपके फोन में ऐसे सैकड़ों-हजारों स्क्रीनशॉट जमा हैं, तो यह आदत सिर्फ फोन की स्टोरेज ही नहीं भर रही, बल्कि आपकी याददाश्त को भी प्रभावित कर रही है। अमेरिका की बिंघमटन यूनिवर्सिटी के नए शोध (Digital Amnesia: The Aftermath of a Screenshot) में स्क्रीनशॉट और फोटो लेने की आदत के याददाश्त पर असर को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है।
स्क्रीनशॉट की आदत कर रही याददाश्त को कमजोर
- फोटो : एआई जनरेटेड
सात प्रयोगों में क्या सामने आया?
- शोधकर्ताओं ने डिजिटल कैप्चर इफेक्ट को समझने के लिए सात अलग-अलग प्रयोग किए। प्रतिभागियों को कलाकृतियों की तस्वीरें दिखाई गईं और अलग-अलग परिस्थितियों में उनकी याददाश्त की जांच की गई।
- कुछ प्रयोगों में प्रतिभागियों को आर्टवर्क सिर्फ देखने के लिए कहा गया। कुछ ने उसकी फोटो ली और कुछ ने स्क्रीनशॉट लिया। बाद में जब उनसे इन आर्टवर्क के बारे में पूछा गया, तो सिर्फ देखने वाले लोगों की याददाश्त बेहतर रही।
- फोटो लेने वाले प्रतिभागियों में याददाश्त कमजोर पाई गई, जबकि स्क्रीनशॉट लेने वाले समूह में सबसे ज्यादा कमी देखी गई।
- कुछ प्रयोगों में मैथमैटिक्स यानी की गणित की समस्याएं भी शामिल हुई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्क्रीनशॉट या फोटो लेने के दौरान प्रतिभागियों के संज्ञानात्मक संसाधन कहीं दूसरी गतिविधि में तो नहीं लग रहे हैं।
- हालांकि, किसी भी प्रयोग में स्क्रीनशॉट लेने का याददाश्त पर कोई स्पष्ट फायदा नहीं मिला। इसके उलट, कैप्चर की गई तस्वीरों से जुड़ी याददाश्त में कमी ज्यादा दिखाई दी।
स्क्रीनशॉट की आदत कर रही याददाश्त को कमजोर
- फोटो : एआई जनरेटेड
फोटो लेने से भी याददाश्त हो सकती है कमजोर
- इतना ही नहीं, शोध में सिर्फ स्क्रीनशॉट ही नहीं, बल्कि फोटो लेने के प्रभाव को भी देखा गया। इसे फोटो-टेकिंग इंपार्नमेंट इफेक्ट कहा जाता है। यह प्रभाव खासतौर पर उन परिस्थितियों में देखा जाता है, जब फोटो लेने के बाद लोग उस तस्वीर को दोबारा नहीं देखते।
- हालांकि, दूसरे शोध यह संकेत देते रहे हैं कि अगर फोटो को बाद में याददाश्त वापस लाने के संकेत यानी retrieval cue के तौर पर दोबारा देखा जाए, तो वह लंबे समय तक याद रखने में मदद कर सकती है।
- यानी समस्या सिर्फ तस्वीर रखने में नहीं है। तस्वीर खींचकर उसे भूल जाना और दोबारा कभी न देखना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
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स्क्रीनशॉट की आदत कर रही याददाश्त को कमजोर
- फोटो : एआई जनरेटेड
फोन में हजारों फोटो और स्क्रीनशॉट क्यों जमा होते हैं?
- आज स्मार्टफोन से फोटो और स्क्रीनशॉट लेना इतना आसान हो गया है कि लोग बड़ी संख्या में डिजिटल तस्वीरें सेव करके रखते हैं।
- शोध में दिए गए अनुमान के अनुसार, लोग औसतन रोजाना करीब 20 फोटो लेते हैं और एक औसत स्मार्टफोन में लगभग दाे हजार फोटो जमा हो सकते हैं।
- लेकिन इन तस्वीरों को सेव करने के बाद ज्यादातर लोग उन्हें नियमित रूप से देखते नहीं हैं।
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब तक इन तस्वीरों को बाद में सक्रिय रूप से याददाश्त हासिल करने के संकेत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाता, तब तक सिर्फ उन्हें सेव करके रखना याददाश्त के लिए ज्यादा मददगार नहीं होता।
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स्क्रीनशॉट की आदत कर रही याददाश्त को कमजोर
- फोटो : एआई जनरेटेड
अगर फोटो अपने आप खिंचे तो क्या होगा?
- यहां पर शोध में एक और दिलचस्प मोड सामने आया है। जब फोटो अपने आप लिए गए, यानी पहनने योग्य क्लिप कैमरा से ऑटोमैटिक तरीके से फोटो कैप्चर हुईं, तो याददाश्त पर वही असर नहीं देखा गया।
- इससे शोधकर्ताओं को संकेत मिलता है कि समस्या सिर्फ यह जानने से नहीं होती कि किसी चीज का डिजिटल रिकॉर्ड बन रहा है। संभावना यह है कि फोटो या स्क्रीनशॉट लेने की खुद की प्रक्रिया ही याददाश्त को प्रभावित करती है। इनके वजह इस प्रकार हैं...