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Tips: बच्चों को फोन के बाद हो रही सुरक्षा की चिंता? मोबाइल में आज ही करें ये सेटिंग्स; ट्रेक होगी हर एक्टिविटी
Sat, 22 Aug 2026 07:39 AM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 22 Aug 2026 07:39 AM IST
सार
Kids Mobile Safety: आजकल पढ़ाई और सुरक्षा के लिए बच्चों को स्मार्टफोन देना माता-पिता की मजबूरी बन गया है। लेकिन इंटरनेट की दुनिया में गलत कंटेंट, साइबर बुलिंग और स्कैम का खतरा भी लगातार बना रहता है। वह फोन का सही इस्तेमाल कर भी रहे हैं या नहीं, यह सवाल पैरेंट्स में मन में अक्सर आता है, तो अब उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि बिना किसी महंगे स्पाईवेयर के, सिर्फ फोन की इन-बिल्ट सेटिंग्स से आप अपने बच्चे की हर डिजिटल एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं? जानिए Android और iPhone में पैरेंटल कंट्रोल सेट करने का आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Google Family Link: स्मार्टफोन हाथ में आते ही बच्चों को गेमिंग से लेकर सोशल मीडिया तक का पूरा एक्सेस मिल जाता है, जिससे स्कैम, अनुचित या गलत कंटेंट और साइबरबुलिंग का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि पैरेंट्स को इसके लिए किसी महंगे मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर या स्पाईवेयर की जरूरत नहीं है। एंड्रॉयड और आईफोन दोनों में ही इन-बिल्ट दमदार पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स मिलते हैं, जिनकी मदद से आप बच्चों की सेफ्टी सुनिश्चित कर सकते हैं। जानिए कैसे।
मोबाइल पर नजर रखने का सबसे आसान तरीका क्या है?
क्यों जरूरी है बच्चे की मोबाइल एक्टिविटी पर नजर रखना?
आजकल बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ गेम खेलने के लिए नहीं करते। ऑनलाइन क्लास, पढ़ाई, वीडियो, चैटिंग और सोशल मीडिया सभी का इस्तेमाल होता है।
Google Family Link एंड्राॅयड फोन में कैसे काम करता है?
एंड्रॉयड डिवाइस के लिए गूगल फैमिली लिंक पैरेंटल कंट्रोल का प्रमुख विकल्प है। इसकी मदद से माता-पिता बच्चे के स्क्रीन टाइम और एप इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। गूगल फैमिली लिंक के जरिए आप बच्चों में यह सब भी देख सकते हैं।
गूगल फैमिली लिंक सेट कैसे करें?
आईफोन में कैसे लगाएं पैरेंटल कंट्रोल?
अगर बच्चा आईफोन इस्तेमाल करता है तो स्क्रीन टाइम और फैमिली शेयरिंग उपयोगी विकल्प हो सकता है। इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।
निगरानी के साथ बच्चे की प्राइवेसी भी जरूरी
पैरेंटल कंट्रोल का उद्देश्य बच्चे की हर गतिविधि पर जासूसी करना नहीं होना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि माता-पिता बच्चे को समझाकर स्क्रीन टाइम और इंटरनेट इस्तेमाल के नियम तय करें। इससे बच्चे को ऑनलाइन खतरों की जानकारी भी मिलेगी और वह धीरे-धीरे सुरक्षित डिजिटल आदतें विकसित कर सकेगा।
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मोबाइल पर नजर रखने का सबसे आसान तरीका क्या है?
- अपने बच्चे की डिजिटल एक्टिविटी पर नजर रखने का सबसे सुरक्षित तरीका आपके फोन में ही छिपा है। इसके लिए आपको फोन में मौजूद पैरेंटल कंट्रोल टूल्स का इस्तेमाल करना है।
- एंड्रॉयड फोन में गूगल फैमिली लिंक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- आईफोन में स्क्रीन टाइम और फैमिली शेयरिंग की सुविधा मिलती है।
- स्क्रीन टाइम और अलग-अलग एप पर बिताए समय को देखा जा सकता है।
- एप डाउनलोड और कंटेंट पर सीमाएं लगाई जा सकती हैं।
- जरूरत के अनुसार डिवाइस के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जा सकता है।
- यहां निगरानी का उद्देश्य बच्चे की जासूसी करना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित डिजिटल माहौल देना होना चाहिए।
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क्यों जरूरी है बच्चे की मोबाइल एक्टिविटी पर नजर रखना?
आजकल बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ गेम खेलने के लिए नहीं करते। ऑनलाइन क्लास, पढ़ाई, वीडियो, चैटिंग और सोशल मीडिया सभी का इस्तेमाल होता है।
- ऐसे में पूरी तरह रोक लगाने के बजाय माता-पिता बच्चे की डिजिटल आदतों को समझ सकते हैं। जैसे मान लीजिए कि उनके फोन में यह देखा जा सकता है कि बच्चा किस एप पर कितना समय बिता रहा है और उसके मोबाइल इस्तेमाल का पैटर्न कैसा है।
- इससे जरूरत पड़ने पर स्क्रीन टाइम कम करने या किसी एप पर पाबंदी लगाने में मदद मिल सकती है।
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Google Family Link एंड्राॅयड फोन में कैसे काम करता है?
एंड्रॉयड डिवाइस के लिए गूगल फैमिली लिंक पैरेंटल कंट्रोल का प्रमुख विकल्प है। इसकी मदद से माता-पिता बच्चे के स्क्रीन टाइम और एप इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। गूगल फैमिली लिंक के जरिए आप बच्चों में यह सब भी देख सकते हैं।
- रोजाना स्क्रीन टाइम देखा जा सकता है।
- अलग-अलग एप पर बिताया गया समय पता चलता है।
- एप इंस्टॉल और डाउनलोड को मैनेज किया जा सकता है।
- कंटेंट फिल्टर और एप परमिशन सेट की जा सकती हैं।
- डिवाइस की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो सकती है।
- होमवर्क या सोने के समय बच्चे के फोन को दूर से लॉक किया जा सकता है।
गूगल फैमिली लिंक सेट कैसे करें?
- अपने फोन में गूगल फैमिली लिंक इंस्टॉल करें।
- बच्चे का गूगलअकाउंट बनाएं या मौजूदा अकाउंट से कनेक्ट करें।
- बच्चे के एंड्रॉयड डिवाइस पर साइन इन करें।
- फैमिली लिंक के जरिए दोनों अकाउंट को लिंक करें।
- अब स्क्रीन टाइम, कंटेंट फिल्टर और एप परमिशन जैसी सेटिंग तय करें।
- इसके बाद माता-पिता बच्चे के डिवाइस के इस्तेमाल को तय नियमों के अनुसार मैनेज कर सकते हैं।
आईफोन में कैसे लगाएं पैरेंटल कंट्रोल?
अगर बच्चा आईफोन इस्तेमाल करता है तो स्क्रीन टाइम और फैमिली शेयरिंग उपयोगी विकल्प हो सकता है। इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।
- बच्चे के आईफाेन में सेटिंग्स में जाएं।
- स्क्रीन टाइम पर टैप करें।
- This is My Child's iPhone विकल्प चुनें।
- एक स्क्रीन टाइम पासकोड सेट करें।
- एप लिमिट और Downtime तय करें।
- कंटेंट और दूसरे एक्सेस पर जरूरी सीमाएं लगाएं।
- बच्चे को फैमिली शेयरिंग में जोड़कर डिवाइस को दूर से मैनेज किया जा सकता है।
- इस तरह माता-पिता बच्चे के स्क्रीन टाइम और एप इस्तेमाल के लिए नियम तय कर सकते हैं।
निगरानी के साथ बच्चे की प्राइवेसी भी जरूरी
पैरेंटल कंट्रोल का उद्देश्य बच्चे की हर गतिविधि पर जासूसी करना नहीं होना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि माता-पिता बच्चे को समझाकर स्क्रीन टाइम और इंटरनेट इस्तेमाल के नियम तय करें। इससे बच्चे को ऑनलाइन खतरों की जानकारी भी मिलेगी और वह धीरे-धीरे सुरक्षित डिजिटल आदतें विकसित कर सकेगा।