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10 साल बाद नहीं बचेंगे कॉलेज: गूगल के पूर्व अधिकारी की भविष्यवाणी, कहा- AI कर देगा बड़ा उलटफेर
Sat, 22 Aug 2026 06:14 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sat, 22 Aug 2026 06:14 AM IST
सार
गूगल (Google) के पूर्व अधिकारी मो गौदत ने बड़ा दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को खत्म कर देगा। उनका मानना है कि 10 साल बाद कॉलेजों की जरूरत नहीं बचेगी, लेकिन AI पर हद से ज्यादा निर्भरता इंसानों को बेवकूफ भी बना सकती है।
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गूगल के पूर्व अधिकारी का एआई पर बड़ा बयान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने छात्रों के पढ़ने और सीखने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। बच्चे अब अपने करियर को बेहतर बनाने और नई तकनीक से जुड़ने के लिए लगातार नई एआई स्किल्स सीख रहे हैं। इसी बीच, Google X के पूर्व चीफ बिजनेस ऑफिसर मो गौदत ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने शिक्षा जगत में बड़ी हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि एआई पारंपरिक कॉलेज मॉडल को इस कदर बदल देगा कि आने वाले वर्षों में कॉलेज जाने की जरूरत ही खत्म हो जाएगी।
'10 साल में खत्म हो जाएंगे कॉलेज'
हाल ही में मो गौदत 'सिलिकॉन वैली गर्ल' (Silicon Valley Girl) नाम के पॉडकास्ट में नजर आए। इस चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या माता-पिता को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना चाहिए? इस पर उन्होंने तुरंत जवाब दिया, "बिल्कुल नहीं। अगले 10 वर्षों में कॉलेज नाम की कोई चीज नहीं बचेगी, यह 100 प्रतिशत तय है।"
गौदत ने एआई के प्रभाव की तुलना कैलकुलेटर के आविष्कार से की। उन्होंने बताया कि जैसे कैलकुलेटर के आने से छात्रों को लंबी और मुश्किल गणनाओं से मुक्ति मिली और वे अपना समय दूसरे अहम विषयों में लगा पाए, ठीक वैसे ही एआई शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
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'समस्याएं खुद न सुलझाईं, तो बेवकूफ बना देगा एआई'
इस क्रांतिकारी तकनीक की खूबियां गिनाने के साथ-साथ गौदत ने एक गंभीर चेतावनी भी दी है। उनका मानना है कि आंख बंद करके एआई पर निर्भर रहना लोगों की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "अगर आप अपनी समस्याओं को सुलझाने का काम पूरी तरह से एआई पर छोड़ देंगे, तो यह तकनीक आपको बेवकूफ बना देगी।" पूर्व अधिकारी ने सलाह दी कि छात्रों को एआई का इस्तेमाल सिर्फ उन कामों के लिए करना चाहिए जिन्हें मशीनें इंसानों से बेहतर और तेज कर सकती हैं, जैसे भारी-भरकम डेटा का विश्लेषण करना या एक साथ कई सर्च रिजल्ट्स खोजना।
भविष्य के लिए नई स्किल्स सीखना जरूरी
गौदत ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य का वर्कप्लेस और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से एआई के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। इसलिए, छात्रों को खुद को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को एआई को एक खतरे के रूप में देखने के बजाय, इसे एक मददगार टूल की तरह इस्तेमाल करना सीखना चाहिए। जैसे-जैसे दुनियाभर की सरकारें और बड़ी कंपनियां शक्तिशाली एआई सिस्टम को अपना रही हैं, वैसे-वैसे कर्मचारियों और छात्रों के लिए अपनी स्किल्स को अपडेट करना बेहद जरूरी हो जाएगा।
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'10 साल में खत्म हो जाएंगे कॉलेज'
हाल ही में मो गौदत 'सिलिकॉन वैली गर्ल' (Silicon Valley Girl) नाम के पॉडकास्ट में नजर आए। इस चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या माता-पिता को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना चाहिए? इस पर उन्होंने तुरंत जवाब दिया, "बिल्कुल नहीं। अगले 10 वर्षों में कॉलेज नाम की कोई चीज नहीं बचेगी, यह 100 प्रतिशत तय है।"
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गौदत ने एआई के प्रभाव की तुलना कैलकुलेटर के आविष्कार से की। उन्होंने बताया कि जैसे कैलकुलेटर के आने से छात्रों को लंबी और मुश्किल गणनाओं से मुक्ति मिली और वे अपना समय दूसरे अहम विषयों में लगा पाए, ठीक वैसे ही एआई शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
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'समस्याएं खुद न सुलझाईं, तो बेवकूफ बना देगा एआई'
इस क्रांतिकारी तकनीक की खूबियां गिनाने के साथ-साथ गौदत ने एक गंभीर चेतावनी भी दी है। उनका मानना है कि आंख बंद करके एआई पर निर्भर रहना लोगों की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "अगर आप अपनी समस्याओं को सुलझाने का काम पूरी तरह से एआई पर छोड़ देंगे, तो यह तकनीक आपको बेवकूफ बना देगी।" पूर्व अधिकारी ने सलाह दी कि छात्रों को एआई का इस्तेमाल सिर्फ उन कामों के लिए करना चाहिए जिन्हें मशीनें इंसानों से बेहतर और तेज कर सकती हैं, जैसे भारी-भरकम डेटा का विश्लेषण करना या एक साथ कई सर्च रिजल्ट्स खोजना।
भविष्य के लिए नई स्किल्स सीखना जरूरी
गौदत ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य का वर्कप्लेस और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से एआई के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। इसलिए, छात्रों को खुद को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को एआई को एक खतरे के रूप में देखने के बजाय, इसे एक मददगार टूल की तरह इस्तेमाल करना सीखना चाहिए। जैसे-जैसे दुनियाभर की सरकारें और बड़ी कंपनियां शक्तिशाली एआई सिस्टम को अपना रही हैं, वैसे-वैसे कर्मचारियों और छात्रों के लिए अपनी स्किल्स को अपडेट करना बेहद जरूरी हो जाएगा।