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सर्वे में बड़ा खुलासा: 81% मोबाइल यूजर्स हो रहे 'डार्क पैटर्न' का शिकार; Jio, Airtel और Vi पर उठे सवाल
Thu, 23 Jul 2026 06:36 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 23 Jul 2026 06:36 AM IST
सार
Telecom Dark Pattern Survey: देश में मोबाइल यूजर्स को भ्रामक रिचार्ज ऑपर्स, परेशान करने वाले नोटिफिकेशन और अतिरिक्त शुल्क जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक नए सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत के 10 में से 8 मोबाइल यूजर्स टेलीकॉम कंपनियों के 'डार्क पैटर्न' का शिकार हुए हैं। जानिए सर्वे में क्या सामने आया।
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डार्क पैटर्न
- फोटो : Freepik
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भारत में 5G सेवाओं के तेजी से विस्तार और बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच एक नया सर्वे टेलीकॉम कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles के देशव्यापी सर्वे के मुताबिक, 10 में से 8 से ज्यादा मोबाइल यूजर्स (81%) ने टेलीकॉम सेवाओं का इस्तेमाल करते समय कम से कम एक बार 'डार्क पैटर्न' यानी भ्रामक डिजिटल तरीकों का सामना किया है।
सबसे ज्यादा शिकायतें इन दो तरीकों की
- फोटो : Freepik
सबसे ज्यादा शिकायतें इन दो तरीकों की
- सर्वे के अनुसार, सबसे बड़ी शिकायत 'बेट-एंड-स्विच' की रही। करीब 79% लोगों का कहना है कि उन्हें कम कीमत या बेहतर फायदे वाले रिचार्ज प्लान दिखाए गए, लेकिन भुगतान के समय वे उपलब्ध नहीं थे या उनकी जगह महंगे प्लान ऑफर किए गए।
- वहीं 78% यूजर्स ने 'नैगिंग' की शिकायत की। उनका कहना है कि नोटिफिकेशन बंद करने के बावजूद बार-बार रिचार्ज, प्लान अपग्रेड या एप डाउनलोड करने के नोटिफिकेशन भेजे जाते हैं।
छिपे चार्ज और ऑटो सब्सक्रिप्शन भी बने परेशानी
- फोटो : AI
छिपे चार्ज और ऑटो सब्सक्रिप्शन भी बने परेशानी
- सर्वे में 59% लोगों ने बताया कि विज्ञापन में दिखाई गई कीमत से ज्यादा भुगतान करना पड़ा, क्योंकि बाद में प्रोसेसिंग या कन्वीनियंस फीस जोड़ दी गई। वहीं 53% यूजर्स ने आरोप लगाया कि एक बार खरीदी गई सेवाओं को उनकी जानकारी के बिना पेड सब्सक्रिप्शन में बदल दिया गया।
- करीब 50% लोगों ने कहा कि ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त सेवाएं खरीदने या जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया गया।
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Jio, Airtel और Vi का भी हुआ जिक्र
- फोटो : एआई जनरेटेड
Jio, Airtel और Vi का भी हुआ जिक्र
- LocalCircles के मुताबिक, यूजर्स ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के प्लेटफॉर्म पर भी ऐसे अनुभव साझा किए। इनमें रिचार्ज प्लान के फायदे बदल जाना, छिपे हुए बदलाव, बार-बार लगने वाले सब्सक्रिप्शन चार्ज और प्रमोशनल ऑफर्स बंद करने में आने वाली दिक्कतें शामिल हैं।
- रिपोर्ट में Airtel के कुछ Unlimited 5G प्लान्स में हॉटस्पॉट सुविधा सीमित करने को भी 'फोर्स्ड एक्शन' डार्क पैटर्न का उदाहरण बताया गया है।
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सख्त कार्रवाई की मांग
- फोटो : adobe stock
सख्त कार्रवाई की मांग
LocalCircles का कहना है कि केवल गाइडलाइंस जारी करना पर्याप्त नहीं है। संस्था ने मांग की है कि TRAI टेलीकॉम प्लेटफॉर्म से डार्क पैटर्न हटाने के लिए अनिवार्य नियम बनाए और CCPA भी इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्रवाई करे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इस मामले में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। अब सर्वे के निष्कर्ष TRAI और CCPA को भेजे जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
LocalCircles का कहना है कि केवल गाइडलाइंस जारी करना पर्याप्त नहीं है। संस्था ने मांग की है कि TRAI टेलीकॉम प्लेटफॉर्म से डार्क पैटर्न हटाने के लिए अनिवार्य नियम बनाए और CCPA भी इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्रवाई करे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इस मामले में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। अब सर्वे के निष्कर्ष TRAI और CCPA को भेजे जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।