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सावधान: गर्मियों में सिर्फ AC ही नहीं, आपके घर में रखे ये 5 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बन सकते हैं 'टाइम बम'
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Tue, 05 May 2026 04:02 PM IST
सार
Gadgets Overheating In Summer: गर्मियों का मौसम आते ही एसी (AC) फटने या उसमें आग लगने की खबरें आम हो जाती हैं। हाल ही में दिल्ली के विवेक विहार में एसी (AC) फटने से लगी आग ने 9 लोगों की जान ले ली। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर में मौजूद कुछ और भी ऐसे आम उपकरण हैं, जो गर्मी के कारण अचानक से ब्लास्ट हो सकते हैं? आपकी एक छोटी सी लापरवाही इन उपकरणों को खतरनाक बना सकती है। आइए जानते हैं उन 5 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बारे में, जिनसे इस मौसम में आपको सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
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गर्मियों में ये गैजेट्स भी बन जाते हैं खतरनाक
- फोटो : एआई जनरेटेड
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गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और बढ़ता तापमान न सिर्फ इंसानों का हाल बेहाल करता है, बल्कि हमारे घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए भी यह एक बड़ा खतरा पैदा कर देता है। इस मौसम में उपकरणों के ओवरहीट (Overheat) होने की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। जब बाहर का तापमान 40 से 45 डिग्री के पार चला जाता है, तो मशीनों के अंदर की गर्मी भी तेजी से बढ़ने लगती है। एसी के ब्लास्ट होने की खबरें तो हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन घर में रखे कुछ ऐसे उपकरण भी हैं जो अत्यधिक गर्मी में फट सकते हैं। यहां हम आपको ऐसे ही 5 उपकरणों के बारे में बता रहे हैं, ताकि आप इनके उपयोग में सावधानी बरतें।
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फ्रीज
- फोटो : AdobeStock
1. रेफ्रिजरेटर (Fridge/Refrigerator)
एसी के बाद जो उपकरण गर्मियों में सबसे ज्यादा चलता है, वह है फ्रिज। कई बार घरों में फ्रिज को बिल्कुल दीवार से सटाकर रख दिया जाता है, जिससे उसके कंप्रेसर (Compressor) को हवा नहीं मिल पाती। गर्मियों में फ्रिज को अंदर से ठंडा रखने के लिए कंप्रेसर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह बहुत गर्म हो जाता है। अगर इसके पीछे हवा पास होने की जगह न हो, तो अत्यधिक गर्मी के कारण कंप्रेसर में ब्लास्ट हो सकता है।
बचाव: फ्रिज को हमेशा दीवार से कम से कम 6 इंच की दूरी पर रखें और समय-समय पर पावर लाइन को डिस्कनेक्ट कर इसके पीछे की कॉइल की सफाई करते रहें।
एसी के बाद जो उपकरण गर्मियों में सबसे ज्यादा चलता है, वह है फ्रिज। कई बार घरों में फ्रिज को बिल्कुल दीवार से सटाकर रख दिया जाता है, जिससे उसके कंप्रेसर (Compressor) को हवा नहीं मिल पाती। गर्मियों में फ्रिज को अंदर से ठंडा रखने के लिए कंप्रेसर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह बहुत गर्म हो जाता है। अगर इसके पीछे हवा पास होने की जगह न हो, तो अत्यधिक गर्मी के कारण कंप्रेसर में ब्लास्ट हो सकता है।
बचाव: फ्रिज को हमेशा दीवार से कम से कम 6 इंच की दूरी पर रखें और समय-समय पर पावर लाइन को डिस्कनेक्ट कर इसके पीछे की कॉइल की सफाई करते रहें।
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स्मार्टफोन
- फोटो : AI जनरेटेड
2. स्मार्टफोन (Smartphone)
आजकल लगभग हर दूसरे दिन स्मार्टफोन में आग लगने या ब्लास्ट होने की खबर आती है, और गर्मियों में इसके मामले काफी बढ़ जाते हैं। मोबाइल फोन में लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी का इस्तेमाल होता है, जो गर्मी के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। अगर आप अपने फोन को सीधे धूप में रखते हैं, या चार्जिंग पर लगाकर गेम खेलते हैं, तो फोन ओवरहीट हो जाता है। कई बार लोग कार के डैशबोर्ड पर फोन छोड़ देते हैं, जहां बंद कार में तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला जाता है, जिससे बैटरी फूल कर फट सकती है।
बचाव: फोन को कभी भी धूप में न छोड़ें। ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें और चार्जिंग के समय फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
आजकल लगभग हर दूसरे दिन स्मार्टफोन में आग लगने या ब्लास्ट होने की खबर आती है, और गर्मियों में इसके मामले काफी बढ़ जाते हैं। मोबाइल फोन में लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी का इस्तेमाल होता है, जो गर्मी के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। अगर आप अपने फोन को सीधे धूप में रखते हैं, या चार्जिंग पर लगाकर गेम खेलते हैं, तो फोन ओवरहीट हो जाता है। कई बार लोग कार के डैशबोर्ड पर फोन छोड़ देते हैं, जहां बंद कार में तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला जाता है, जिससे बैटरी फूल कर फट सकती है।
बचाव: फोन को कभी भी धूप में न छोड़ें। ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें और चार्जिंग के समय फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
पावर बैंक
- फोटो : AI जनरेटेड
3. पावर बैंक (Power Bank)
स्मार्टफोन की तरह पावर बैंक में भी बड़े आकार की लिथियम-आयन बैटरियां होती हैं। कई बार लोग सफर के दौरान पावर बैंक को अपनी गाड़ी में या बाइक की डिक्की में छोड़ देते हैं। गर्मियों में बंद डिक्की या कार का तापमान बहुत ज्यादा होता है। लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी में रहने और दबाव पड़ने के कारण पावर बैंक के अंदर केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे जोरदार धमाका हो सकता है। सस्ते और लोकल पावर बैंक में शॉर्ट सर्किट का खतरा और भी ज्यादा होता है।
बचाव: पावर बैंक को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें। इसे कभी भी गाड़ी के अंदर या सीधे धूप में न छोड़ें और हमेशा अच्छी कंपनी का ही पावर बैंक खरीदें।
स्मार्टफोन की तरह पावर बैंक में भी बड़े आकार की लिथियम-आयन बैटरियां होती हैं। कई बार लोग सफर के दौरान पावर बैंक को अपनी गाड़ी में या बाइक की डिक्की में छोड़ देते हैं। गर्मियों में बंद डिक्की या कार का तापमान बहुत ज्यादा होता है। लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी में रहने और दबाव पड़ने के कारण पावर बैंक के अंदर केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे जोरदार धमाका हो सकता है। सस्ते और लोकल पावर बैंक में शॉर्ट सर्किट का खतरा और भी ज्यादा होता है।
बचाव: पावर बैंक को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें। इसे कभी भी गाड़ी के अंदर या सीधे धूप में न छोड़ें और हमेशा अच्छी कंपनी का ही पावर बैंक खरीदें।
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इन्वर्टर की बैटरी
- फोटो : Adobe stock
4. इन्वर्टर की बैटरी (Inverter Battery)
गर्मियों में बार-बार बिजली कटने के कारण इन्वर्टर का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। इन्वर्टर की बैटरी (Lead-Acid Battery) जब चार्ज और डिस्चार्ज होती है, तो उसके अंदर से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस निकलती है। अगर इन्वर्टर ऐसी जगह रखा है जहां हवा के आने-जाने (Ventilation) की कोई सुविधा नहीं है, तो ये गैसें वहां जमा होने लगती हैं। ज्यादा गर्मी और वेंटिलेशन न होने के कारण हल्की सी चिंगारी (स्पार्क) भी एक बड़े ब्लास्ट का कारण बन सकती है। इसके अलावा बैटरी में पानी का स्तर कम होना भी खतरनाक हो सकता है।
बचाव: इन्वर्टर और बैटरी को हमेशा खुले और हवादार स्थान पर रखें। बैटरी के पानी (डिस्टिल्ड वाटर) का लेवल नियमित रूप से चेक करते रहें और टर्मिनल्स पर कार्बन न जमने दें।
गर्मियों में बार-बार बिजली कटने के कारण इन्वर्टर का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। इन्वर्टर की बैटरी (Lead-Acid Battery) जब चार्ज और डिस्चार्ज होती है, तो उसके अंदर से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस निकलती है। अगर इन्वर्टर ऐसी जगह रखा है जहां हवा के आने-जाने (Ventilation) की कोई सुविधा नहीं है, तो ये गैसें वहां जमा होने लगती हैं। ज्यादा गर्मी और वेंटिलेशन न होने के कारण हल्की सी चिंगारी (स्पार्क) भी एक बड़े ब्लास्ट का कारण बन सकती है। इसके अलावा बैटरी में पानी का स्तर कम होना भी खतरनाक हो सकता है।
बचाव: इन्वर्टर और बैटरी को हमेशा खुले और हवादार स्थान पर रखें। बैटरी के पानी (डिस्टिल्ड वाटर) का लेवल नियमित रूप से चेक करते रहें और टर्मिनल्स पर कार्बन न जमने दें।