टचस्क्रीन लैपटॉप इस्तेमाल करने में काफी शानदार लगते हैं और काम को इंटरेक्टिव बना देते हैं। लेकिन कई बार अनचाहे टच, स्क्रीन पर उंगलियों के निशानों या बैटरी के जल्दी खत्म होने से झल्लाहट होने लगती है। कई बार हम जरूरी काम कर रहे होते हैं और लैपटॉप के स्क्रीन पर हाथ लग जाने की वजह से सारी मेहनत बेकार हो जाती है। ऐसे में अगर आप भी अपने विंडोज लैपटॉप की टचस्क्रीन को कुछ समय के लिए बंद करना चाहते हैं तो यह बहुत ही आसान है। आइए जानते हैं इसे बंद करने का तरीका।
Laptop Tips: टचस्क्रीन लैपटॉप में इधर-उधर टच होने से हैं परेशान? मिनटों में ऐसे करें डिसेबल, जानें आसान तरीका
Turn Off Touchscreen Laptop: टचस्क्रीन लैपटॉप देखने में जितने शानदार लगते हैं, इस्तेमाल में कई बार उतने ही सिरदर्द बन जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस लेख में हमने बताया है कि कैसे आप कुछ आसान तरीकों से अपने विंडोज लैपटॉप की टचस्क्रीन को बंद (डिसेबल) कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपकी बैटरी बचेगी बल्कि ड्रेन, रिफ्लेक्शन और स्क्रीन डैमेज जैसे नुकसान भी कम होंगे।
विंडोज 10 और 11 में टचस्क्रीन कैसे बंद करें?
आप 'डिवाइस मैनेजर' की मदद से आसानी से अपनी टचस्क्रीन को बंद कर सकते हैं। बस इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
डिवाइस मैनेजर खोलें: अपने लैपटॉप के स्टार्ट बटन पर राइट-क्लिक करें और मेन्यू में से डिवाइस मैनेजर चुनें। (आप चाहें तो नीचे सर्च बार में भी 'डिवाइस मैनेजर' टाइप कर सकते हैं)।
ड्राइवर खोजें: जो नई विंडो खुलेगी, उसमें Human Interface Devices नाम के विकल्प पर क्लिक करके उसे एक्सपैंड करें।
डिवाइस डिसेबल करें: अब वहां आपको HID-compliant touch screen लिखा हुआ दिखाई देगा। उस पर राइट-क्लिक करें और डिसेबल डिवाइस का विकल्प चुनें।
कंफर्म करें: स्क्रीन पर एक पॉप-अप आएगा जो आपसे कंफर्मेशन मांगेगा, बस 'यस' पर क्लिक कर दें।
(जरूरी नोट: अगर आपको लिस्ट में एक से ज्यादा 'HID-compliant touch screen' दिखाई दें तो आपको उन सभी को इसी तरह डिसेबल करना होगा ताकि टचस्क्रीन पूरी तरह बंद हो सके।)
Chromebook यूजर्स के लिए शार्टकट: अगर आप क्रोमबुक का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इतने लंबे प्रोसेस की जरूरत नहीं है। बस अपने कीबोर्ड पर Search + Shift + T दबाएं और टचस्क्रीन काम करना बंद कर देगी।
टचस्क्रीन को वापस कैसे चालू (इनेबल) करें?
अगर भविष्य में आपका मन बदले और आप टच फीचर को फिर से इस्तेमाल करना चाहें, तो यह भी बेहद आसान है। आपको ठीक वही ऊपर वाले स्टेप्स फॉलो करने हैं, बस इस बार 'Disable device' की जगह Enable device पर क्लिक करना है।
टचस्क्रीन लैपटॉप के नुकसान: लोग इसे क्यों बंद करते हैं?
टचस्क्रीन लैपटॉप देखने में भले ही मॉडर्न और आकर्षक लगते हों, लेकिन इनके कुछ ऐसे व्यावहारिक नुकसान हैं जिनकी वजह से कई यूजर्स इसे डिसेबल रखना ही बेहतर समझते हैं। सबसे बड़ी समस्या बैटरी की जल्दी खपत है। दरअसल, टचस्क्रीन को काम करने के लिए एक खास लेयर (डिजिटाइजर) की जरूरत होती है जो बैकग्राउंड में हमेशा एक्टिव रहती है, जिससे यह सामान्य स्क्रीन के मुकाबले लैपटॉप की बैटरी को बहुत तेजी से चूसती है। इसके अलावा, स्क्रीन पर बार-बार उंगलियां इस्तेमाल करने से तेल और धूल के भद्दे निशान छप जाते हैं, जिसकी वजह से इसे बार-बार साफ करने की झंझट बनी रहती है।
दिक्कतें यहीं खत्म नहीं होतीं। ज्यादातर टचस्क्रीन चमकदार होती हैं, इसलिए अगर आप घर के बाहर या किसी तेज रोशनी वाली जगह पर काम कर रहे हैं तो रिफ्लेक्शन के कारण स्क्रीन पर कुछ भी देखना काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं, अगर आप लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, तो लंबे समय तक हवा में हाथ उठाकर टच करते रहने से हाथों, कंधों और गर्दन की मांसपेशियों में थकान और दर्द की शिकायत भी होने लगती है।
अगर हम कीमत और बनावट की बात करें, तो टचस्क्रीन पैनल न सिर्फ महंगे होते हैं बल्कि इनका वजन भी ज्यादा होता है, जिससे आपका लैपटॉप सामान्य लैपटॉप के मुकाबले ज्यादा भारी हो जाता है। ये स्क्रीन थोड़ी नाजुक भी होती हैं, इसलिए इनके टूटने का खतरा ज्यादा रहता है और अगर यह टूट जाए तो मरम्मत का भारी खर्चा आपकी जेब काफी ढीली कर सकता है। अंत में, काम की सटीकता भी एक बड़ा मुद्दा है। मूवी देखने या फोटो स्वाइप करने के लिए तो टचस्क्रीन बेहतरीन है, लेकिन जब विंडोज डेस्कटॉप एप्स पर कोई बारीक काम करने की बारी आती है, तो उंगलियों से सटीक क्लिक करना माउस या ट्रैकपैड जितना आसान और आरामदायक नहीं होता।