Indian Railways Luggage Rules: भारतीय रेलवे से हर साल लाखों लोग अपना सामान और पार्सल एक शहर से दूसरे शहर भेजते हैं। अक्सर लोगों को यह चिंता बनी रहती है कि अगर सामान रास्ते में टूट जाए या खो जाए तो क्या होगा? रेलवे के नियमों के अनुसार, सामान की टूट-फूट या चोरी होने पर सामान का मालिक का मुआवजे का हकदार होता है। मगर इसके लिए कुछ विशेष शर्तों का पालन करना होता है।
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Train Luggage Rule: क्या ट्रेन से भेजे गए पार्सल या लगेज में टूटफूट होने पर मुआवजा मिलता है? जान लें नियम
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sat, 28 Mar 2026 06:25 PM IST
सार
Compensation For Damaged Parcel: अक्सर जब लोगों को कोई सामान दूर भेजना होता है तो रेलवे पार्सल से भेजना पड़ता है। मगर कई बार इस पार्सल में सामान टूट जाते हैं या गायब हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए, साथ ही ये भी जानेंगे कि क्या आपको मुआवजा मिल सकता है?
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रेलवे पार्सल
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रेलवे से मुआवजा पाने के मुख्य नियम और शर्तें
- सामान के नुकसान पर रेलवे की जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करती है कि आपने डिक्लेयर्ड वैल्यू कितनी भरी है। अगर आप कीमती सामान भेज रहे हैं, तो बुकिंग के समय उसकी कीमत जरूर बताएं।
- इसके लिए रेलवे एक छोटा सा अतिरिक्त शुल्क लेता है, जिसके बाद सामान की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी रेलवे की होती है।
- अगर आप अपने साथ कोच में सामान ले जा रहे हैं और वह चोरी या क्षतिग्रस्त होता है, तो रेलवे तभी मुआवजा देता है जब उसकी लापरवाही साबित हो।
- अगर सामान की पैकेजिंग रेलवे के मानकों के अनुसार नहीं है, तो रेलवे 'रिस्क नोट' पर हस्ताक्षर करवाता है, जिससे मुआवजे का दावा कमजोर हो सकता है।
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मुआवजे की राशि का निर्धारण कैसे होता है?
रेलवे द्वारा दी जाने वाली हर्जाने की राशि को इस तरह समझा जा सकता है-
रेलवे द्वारा दी जाने वाली हर्जाने की राशि को इस तरह समझा जा सकता है-
- बिना डिक्लेरेशन वाला सामान: अगर आपने सामान की कीमत घोषित नहीं की है, तो रेलवे प्रति किलो के हिसाब से एक निश्चित (सीमित) राशि ही मुआवजे के रूप में देता है।
- घोषित मूल्य पर क्लेम: 'एक्सेस वैल्यू' चुकाने पर, नुकसान होने की स्थिति में रेलवे घोषित की गई पूरी राशि या वास्तविक नुकसान की भरपाई करता है।
- क्षति का आकलन: मुआवजे से पहले रेलवे के अधिकारी नुकसान का निरीक्षण करते हैं और रिपोर्ट के आधार पर ही राशि तय की जाती है।
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नुकसान होने पर क्लेम करने की सही प्रक्रिया
- तुरंत रिपोर्ट: सामान प्राप्त करते समय अगर वह क्षतिग्रस्त दिखे, तो तुरंत स्टेशन मास्टर या पार्सल ऑफिस को सूचित करें और 'डैमेज नोट' प्राप्त करें।
- दस्तावेज जमा करना: मुआवजे के लिए आपको मूल रसीद, डैमेज रिपोर्ट और सामान की कीमत का प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- ऑनलाइन शिकायत: आप रेलवे के 'कंज्यूमर केयर' पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए भी अपना क्लेम दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज हो जाती है।
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सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है
- ट्रेन से सामान भेजते समय नियमों की जानकारी होना आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकता है।
- रेलवे ने अपनी पार्सल सेवाओं को काफी सुरक्षित बनाया है, फिर भी कीमती सामान के लिए 'एक्सेस वैल्यू' शुल्क देना हमेशा समझदारी भरा फैसला होता है।
- ध्यान रखें रेलवे से मुआवजा पाना आपका कानूनी अधिकार है, बस आपको बुकिंग के समय सही जानकारी देने और रसीद को संभालकर रखने की जरूरत है।