Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana: हमारे देश में राज्य सरकारें और केंद्र सरकार अलग-अलग तरह की योजनाएं चलाती है। अगर आप भी किसी योजना के लिए पात्र हैं तो आप लाभ ले सकते हैं। इसमें कई ऐसी योजनाएं हैं जिनमें आर्थिक लाभ देने के अलावा कई अन्य तरह के लाभ या सब्सिडी आदि दी जाती है। जैसे, एक योजना है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना जिसके तहत 18 पारंपरिक व्यापारों को लाभ देने का काम किया जाता है और इस योजना को भारत सरकार चलाती है।
PMVY: वे कौन से 18 पारंपरिक व्यापार हैं जिन्हें मिलता है पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ? आवेदनकर्ता यहां जानें
भारत सरकार की एक योजना है पीएम विश्वकर्मा योजना। अगर आपको भी इस योजना का लाभ लेना है तो आपको ये चेक करना होगा क्या आप पात्र हैं या नहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कौन जुड़ सकता है योजना से?
अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई पात्रता सूची देख सकते हैं, क्योंकि जो लोग इसमें हैं सिर्फ वे ही इस योजना से जुड़ सकते हैं। जैसे:-
- जो अस्त्रकार हैं
- अगर आप सुनार हैं
- गुड़िया और खिलौना निर्माता
- नाई यानी बाल काटने वाले
- मालाकार
- मोची/जूता बनाने वाले कारीगर
- अगर आप मूर्तिकार हैं, जो लोग लोहार हैं, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, फिशिंग नेट निर्माता, जो नाव निर्माता हैं, जो ताला बनाने वाले हैं, जो लोग राजमिस्त्री हैं, धोबी और दर्जी, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले हैं, पत्थर तराशने वाले या पत्थर तोड़ने वाले हैं।
कैसे जुड़ सकते हैं योजना से?
- अगर आप पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आप इसके लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmvishwakarma.gov.in/ पर जा सकते हैं और यहां से आवेदन कर सकते हैं
- आप इस योजना से जुड़ने के लिए अपने नजदीकी सीएससी सेंटर भी जा सकते हैं और यहां से भी इस योजना से जुड़ सकते हैं।
लाभार्थियों को मिलने वाले ये हैं लाभ:-
- पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े लोगों को कुछ दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है जिसके लिए आपको कुछ दिनों की ट्रेनिंग दी जाती है और इसके लिए ट्रेनिंग चलने तक रोजाना 500 रुपये देने का प्रावधान है
- साथ ही टूलकिट खरीदने के लिए लाभार्थियों को 15 हजार रुपये भी दिए जाते हैं
- बिना गारंटी और सस्ती ब्याज दर पर पहले एक लाख रुपये का लोन और फिर अतिरिक्त दो लाख रुपये का लोन दिया जाता है।