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Pendrive Tips: किसी दूसरे के कंप्यूटर में अपनी पेनड्राइव लगाने से पहले उसे वायरस से कैसे सुरक्षित रखें?

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Tue, 26 May 2026 06:17 PM IST
सार

USB write Protect Command Prompt Hack: अक्सर ऐसा होता है कि पेनड्राइव की वजह से पूरे सिस्टम में वायरल चला जाता है। ऐसा होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण पेनड्राइव का लापरवाही के साथ इस्तेमाल करना है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।

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USB Drive Safety Tips: How to Protect Your Pendrive from Virus and Malware Before Plugging into Computers
पेनड्राईव को वायरल से बचाने के तरीके - फोटो : AI

How To Protect Pendrive From Virus: आज के समय में ऑफिस का काम हो, स्कूल का प्रोजेक्ट या फिर जरूरी फोटो-वीडियो ट्रांसफर करना हो, हम सभी पेनड्राइव का इस्तेमाल जरूर करते हैं। लेकिन डिजिटल दुनिया में पेनड्राइव के जरिए वायरस फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अक्सर जब आप अपनी पेनड्राइव को किसी साइबर कैफे, दोस्त या किसी अनजान व्यक्ति के कंप्यूटर में लगाते हैं, तो उस सिस्टम में मौजूद खतरनाक मैलवेयर या वायरस आपकी पेनड्राइव में घुस जाते हैं। 



इससे न सिर्फ आपकी जरूरी फाइलें करप्ट या गायब हो सकती हैं, बल्कि जब आप उसे अपने पर्सनल कंप्यूटर में लगाते हैं, तो आपका खुद का सिस्टम भी हैक या खराब हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में समझते हैं कि किसी दूसरे के पीसी में पेनड्राइव लगाने से पहले और बाद में उसे वायरस से कैसे सुरक्षित रखें।

USB Drive Safety Tips: How to Protect Your Pendrive from Virus and Malware Before Plugging into Computers

पेनड्राइव को 'राइट प्रोटेक्टेड' बनाने का अचूक तरीका

  • अगर आप चाहते हैं कि दूसरे के कंप्यूटर से कोई भी वायरस आपकी पेनड्राइव में प्रवेश न कर पाए, तो अपनी पेनड्राइव को 'रीड-ओनली' मोड पर सेट कर दें।
  • ऐसा करने से सामने वाला कंप्यूटर आपकी पेनड्राइव का डेटा देख तो पाएगा, लेकिन उसमें कोई नया वायरस या फाइल अपने आप सेव नहीं कर पाएगा।
  • कंप्यूटर की 'CMD' सेटिंग्स में जाकर आप कुछ आसान कमांड्स के जरिए अपनी यूएसबी ड्राइव को 'राइट प्रोटेक्ट' कर सकते हैं।
USB Drive Safety Tips: How to Protect Your Pendrive from Virus and Malware Before Plugging into Computers
कंप्यूटर की 'ऑटो-रन' सेटिंग को तुरंत बंद रखें - फोटो : AI

कंप्यूटर की 'ऑटो-रन' सेटिंग को तुरंत बंद रखें

  • ज्यादातर खतरनाक वायरस पेनड्राइव के अंदर 'Autorun.inf' फाइल बनाकर बैठते हैं, जो कंप्यूटर में प्लग करते ही अपने आप एक्टिवेट हो जाते हैं।
  • अपने कंप्यूटर के 'कंट्रोल पैनल' में जाकर 'ऑटोप्ले' या 'ऑटो-रन' के विकल्प को हमेशा के लिए बंद कर दें।
  • इस उपय की मदद से पेनड्राइव लगाते ही वायरस अपने आप बैकग्राउंड में रन नहीं हो पाएगा और आपका सिस्टम सुरक्षित रहेगा।
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USB Drive Safety Tips: How to Protect Your Pendrive from Virus and Malware Before Plugging into Computers
पेनड्राइव को ओपन करने से पहले 'स्कैन' करने का नियम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock

पेनड्राइव को ओपन करने से पहले 'स्कैन' करने का नियम

  • किसी भी दूसरे सिस्टम में पेनड्राइव लगाने के बाद 'My Computer' में जाकर उसे सीधे डबल-क्लिक करके खोलने की भूल कभी न करें।
  • पेनड्राइव के आइकन पर 'राइट-क्लिक' करें और 'Scan with Windows Defender' या उपलब्ध एंटीवायरस विकल्प को चुनें।
  • स्कैनिंग की प्रक्रिया पेनड्राइव में छिपे शॉर्टकट वायरस या मैलवेयर को पकड़कर तुरंत डिलीट कर देती है, जिससे डेटा पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है।
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USB Drive Safety Tips: How to Protect Your Pendrive from Virus and Malware Before Plugging into Computers
डेटा ट्रांसफर के बाद पेनड्राइव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
डेटा ट्रांसफर के बाद पेनड्राइव को सुरक्षित रखने के स्मार्ट स्टेप्स
  • अगर पेनड्राइव में आपकी फाइलों के नाम के आगे अचानक '.exe' या शॉर्टकट का निशान दिखने लगे, तो समझें उसमें वायरस आ चुका है।
  • काम पूरा होने के बाद अगर शक हो, तो अपने सुरक्षित कंप्यूटर में पेनड्राइव को लगाने के बाद उसका बैकअप लेकर उसे पूरी तरह फारमेट कर दें।
  • पेनड्राइव को कंप्यूटर से सीधे खींचकर बाहर न निकालें, हमेशा टास्कबार में जाकर 'इजेक्ट' करने के बाद ही निकालें।
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