पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के तीन बच्चे अब सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर गए हैं। बिलावल अली भुट्टो और बख्तावर भुट्टो जरदारी पहले से ही राजनीति में हैं। अब इनकी सबसे छोटी बहन आसिफा भुट्टो जरदारी ने भी राजनीति में एंट्री ले ली है।
पाकिस्तान की सियासत में हुई एक और भुट्टो की एंट्री, बेनजीर की बेटी आसिफा ने किया राजनीति में डेब्यू
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आसिफा ने सोमवार को मुल्तान में पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की रैली को संबोधित किया। इस दौरान उनके तेजतर्रार भाषणों से राजनीतिक विश्लेषक खासा प्रभावित हुए हैं। अपने भाषण में आसिफा ने कहा, वक्त आ चुका है कि सत्ताधारी सिलेक्टेड सरकार को घर भेजा जाए। उन्होंने कहा, हम सब प्रधानमंत्री इमरान खान को इलेक्टेड नहीं बल्कि, सिलेक्टेड पीएम मानते हैं।
रैली को संबोधित करते हुए आसिफा ने कहा, राजधानी इस्लामाबाद में बैठी सरकार इस गलतफहमी में जी रही है कि वह विपक्ष की आवाज को कुचल सकती है। लेकिन हम हर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को हम एक संदेश देना चाहते हैं कि उनका समय पूरा हो गया है। बोरिया बिस्तर बांधना शुरू कीजिए और पीएम की गद्दी छोड़कर रवाना हो जाइए। मेरी मां ने इस मुल्क के लिए कुर्बानी दी है और पिता आज भी इस देश के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री इमरान को चेतावनी देते हुए आसिफा ने कहा, पीएम को लगता है कि हम लोग गिरफ्तारियों और उनके जुल्मों से डरकर पीछे हट जाएंगे। अगर वे हमारे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल में डालेंगे तो हम बहनें भी सरकार से मुकाबला करने के लिए आगे खड़ी होंगी।
आसिफा के भाई बिलावल भुट्टो जरदारी वर्तमान में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन हैं। हाल ही में वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। इस कारण पर बहन बख्तावर की सगाई में भी शरीक नहीं हो पाए। वहीं, माना जा रहा है कि राजनीति में भाई की मदद के लिए आसिफा सियासी रैली में शामिल हुईं।

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