प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव क्रोएशिया से रवाना हो गए हैं। इससे पहले पीएम मोदी के कनाडा से क्रोएशिया पहुंचने पर जाग्रेब में प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच ने हवाई अड्डे मंत्रोच्चार के बीच पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति भी बनी। इनमें सबसे प्रमुख 'रक्षा सहयोग योजना' को मजबूत करने पर सहमति थी। इसके साथ ही व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा और अर्धचालक सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
PM Modi: रक्षा सहयोग-डिजिटल तकनीक और हिंदी का विस्तार...पीएम के क्रोएशिया दौरे का क्या हासिल; देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक ने क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में भारत और क्रोएशिया के बीच कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पश्चिम मामलों के विदेश सचिव तन्मय लाल ने इस बारे में बाद में जानकारी दी कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से सहयोग के चार विषयों पर एमओयू साइन किया गया। सहयोग के ये चार क्षेत्र हैं, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र, विज्ञान और तकनीक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जगरेब यूनिवर्सिटी में हिंदी चेयर की स्थापना। लाल ने कहा, दोनों शीर्ष नेताओं ने चार एमओयू साइन किए जाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौता जल्द होने का मुद्दा भी उठा।
इससे पहले, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच ने पीएम मोदी को वेजडिन के संस्कृत व्याकरण का पुनर्मुद्रण उपहार में दिया। यह भारतीय भाषाओं और संस्कृति पर बेहतरीन कार्य है, जो दोनों देशों के बीच सदियों पुराने घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। गौरतलब है कि वेजडिन का संस्कृत व्याकरण 1790 में क्रोएशियाई वैज्ञानिक और मिशनरी फिलिप वेजडिन द्वारा भारत में बिताए गए समय के दौरान लैटिन में लिखा गया पहला मुद्रित संस्कृत व्याकरण है। इसके साथ ही उन्होंने क्रोएशिया और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर एक पुस्तक भी भेंट की।
वहीं, पीएम मोदी ने यहां अपने संबोधन में अपने जोरदार स्वागत के लिए क्रोएशिया का आभार जताया। साथ ही कहा कि भारत और क्रोएशिया लोकतंत्र, कानून का राज, बहुलवाद जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत पोर्ट मॉडर्नाइजेशन, तटीय क्षेत्रों का विकास और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में क्रोएशियाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत क्रोएशिया के साथ अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करेगा और शैक्षणिक संस्थानों के बीच अनुसंधान और सहयोग को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक 'रक्षा सहयोग योजना' बनाई जाएगी, जिसमें प्रशिक्षण और सैन्य आदान-प्रदान के साथ-साथ रक्षा उद्योग पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हम फार्मा, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे। जहाज निर्माण और साइबर सुरक्षा में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।