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Amritsar: तेज हुआ सीएम मान का विरोध, SGPC के पंथक सम्मेलन में माफी और इस्तीफे की मांग; संघर्ष समिति बनाएंगे
Mon, 06 Jul 2026 08:39 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Mon, 06 Jul 2026 08:39 AM IST
सार
पंथक प्रचारक अमरीक सिंह बल्लोवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में बोलकर श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार झूठी और भ्रामक रिपोर्टों के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब के विरुद्ध माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
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पंथक सम्मेलन को संबोधित करते हरजिंदर सिंह धामी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित पंथक सम्मेलन में मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक माफी और नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर लिए गए निर्णय के समर्थन का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही कहा गया कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो पंथक स्तर पर संघर्ष तेज किया जाएगा तथा गांव-गांव संघर्ष समितियां गठित की जाएंगी।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह बैठक 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश के अनुसार केवल गुरु दोखी के मुद्दे पर केंद्रित है। उन्होंने वक्ताओं से बेअदबी विधेयक पर चर्चा नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह विषय फिलहाल श्री अकाल तख्त साहिब के विचाराधीन है। धामी ने कहा कि टकराव किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बाबा टेक सिंह धनौला ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सर्वोच्चता कायम रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयानों से विवाद की स्थिति बनी है और सरकारों को गुरुद्वारा मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
पंथक प्रचारक अमरीक सिंह बल्लोवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में बोलकर श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार झूठी और भ्रामक रिपोर्टों के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब के विरुद्ध माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। एडवोकेट पूर्ण सिंह हुंदल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है और उसके आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए।
संत बाबा प्रीतम सिंह दुबेली वाले ने सोशल मीडिया पर श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में कथित अफवाहें फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए पंथ से एकजुट रहने का आह्वान किया। निरमले संप्रदाय के बाबा तेजा सिंह खुड्डियां वाले ने सभी पंथक संस्थाओं से साझा एजेंडे पर एकजुट होकर कार्य करने की अपील की तथा बेअदबी विधेयक के मसौदे को सार्वजनिक न किए जाने पर सवाल उठाए।
सम्मेलन में पारित प्रस्तावों में श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा अकाल तख्त की सर्वोच्चता पर उठाए गए सवालों की निंदा की गई। साथ ही एसजीपीसी के प्रत्येक हलके में बड़े पंथक सम्मेलन आयोजित करने, गांव स्तर पर गुरसिख कमेटियां और संघर्ष समितियां गठित करने तथा विभिन्न सिख संस्थाओं, संप्रदायों, सिंह सभाओं, टकसालों, मिशनरी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में एकजुट होकर सिख कौम की एकता, मजबूती और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया।
श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय के समर्थन का प्रस्ताव।
एसजीपीसी के प्रत्येक हलके में बड़े पंथक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
गांव-गांव गुरसिख कमेटियां और संघर्ष समितियां गठित कर पंथ का संदेश पहुंचाया जाएगा।
विभिन्न सिख संस्थाओं और संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान।
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सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर लिए गए निर्णय के समर्थन का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही कहा गया कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो पंथक स्तर पर संघर्ष तेज किया जाएगा तथा गांव-गांव संघर्ष समितियां गठित की जाएंगी।
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सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह बैठक 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश के अनुसार केवल गुरु दोखी के मुद्दे पर केंद्रित है। उन्होंने वक्ताओं से बेअदबी विधेयक पर चर्चा नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह विषय फिलहाल श्री अकाल तख्त साहिब के विचाराधीन है। धामी ने कहा कि टकराव किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बाबा टेक सिंह धनौला ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सर्वोच्चता कायम रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयानों से विवाद की स्थिति बनी है और सरकारों को गुरुद्वारा मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
पंथक प्रचारक अमरीक सिंह बल्लोवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में बोलकर श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार झूठी और भ्रामक रिपोर्टों के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब के विरुद्ध माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। एडवोकेट पूर्ण सिंह हुंदल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है और उसके आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए।
संत बाबा प्रीतम सिंह दुबेली वाले ने सोशल मीडिया पर श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में कथित अफवाहें फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए पंथ से एकजुट रहने का आह्वान किया। निरमले संप्रदाय के बाबा तेजा सिंह खुड्डियां वाले ने सभी पंथक संस्थाओं से साझा एजेंडे पर एकजुट होकर कार्य करने की अपील की तथा बेअदबी विधेयक के मसौदे को सार्वजनिक न किए जाने पर सवाल उठाए।
सम्मेलन में पारित प्रस्तावों में श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा अकाल तख्त की सर्वोच्चता पर उठाए गए सवालों की निंदा की गई। साथ ही एसजीपीसी के प्रत्येक हलके में बड़े पंथक सम्मेलन आयोजित करने, गांव स्तर पर गुरसिख कमेटियां और संघर्ष समितियां गठित करने तथा विभिन्न सिख संस्थाओं, संप्रदायों, सिंह सभाओं, टकसालों, मिशनरी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में एकजुट होकर सिख कौम की एकता, मजबूती और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया।
सम्मेलन में पारित प्रमुख प्रस्ताव
मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक माफी और नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग।श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय के समर्थन का प्रस्ताव।
एसजीपीसी के प्रत्येक हलके में बड़े पंथक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
गांव-गांव गुरसिख कमेटियां और संघर्ष समितियां गठित कर पंथ का संदेश पहुंचाया जाएगा।
विभिन्न सिख संस्थाओं और संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान।