फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   2,300 crore to be spent on government school infrastructure in Punjab

पंजाब में सरकारी स्कूल होंगे अपग्रेड: 2300 करोड़ होंगे खर्च, शिक्षा मंत्री ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट

Tue, 18 Aug 2026 09:55 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 18 Aug 2026 09:55 PM IST
सार

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक 3.64 लाख छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले चुके हैं।

विज्ञापन
2,300 crore to be spent on government school infrastructure in Punjab
हरजोत सिंह बैंस, शिक्षा मंत्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इससे जहां  स्कूलों का बुनियादी ढांचा सुधरेगा वहीं स्कूलों का अपग्रेड करने का काम भी किया जा रहा है। पंजाब भवन में प्रेस वार्ता के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा की साढ़े चार साल की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में पंजाब के प्रत्येक सरकारी स्कूल को सभी जरूरी सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य है। 

विज्ञापन


3.64 लाख छात्रों ने छोड़े निजी स्कूल: शिक्षा मंत्री 
बैंस ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 3.64 लाख छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले चुके हैं। उनके अनुसार सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने पर विशेष जोर दिया है। करीब 9,000 नए क्लासरूम और प्रयोगशालाएं तैयार की गई हैं जबकि 13,920 नए शौचालय और दो लाख डेस्क उपलब्ध करवाए गए हैं। सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक इंटरएक्टिव पैनल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 5,012 उन्नत कंप्यूटर लैब और वाई-फाई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 
विज्ञापन

 

मंत्री ने दावा किया कि अब सभी स्कूलों में कार्यात्मक शौचालय की सुविधा है और 99.9 प्रतिशत स्कूलों में बाउंड्री वॉल का काम पूरा हो चुका है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और हेडमास्टरों को आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिलाया गया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार सरकारी स्कूलों के छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। नीट में सफलता हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या वर्ष 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई है।

पहली से 12वीं तक एआई की पढ़ाई
बैंस ने कहा कि पंजाब में कक्षा पहली से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। वहीं, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में पूर्व सैन्यकर्मियों को कैंपस मैनेजर और सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मॉडल 
स्थापित करना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed