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वड़िंग पर कुर्सी छोड़ने का दबाव: हाईकमान की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी, निलंबित पूर्व विधायक से मिले चन्नी

Sat, 01 Aug 2026 10:39 PM IST
शाहिल शर्मा मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Sat, 01 Aug 2026 10:39 PM IST
सार

बगावत के बीच हाल ही में अनुशासनहीनता के चलते कांग्रेस ने पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को निलंबित किया था। शनिवार को पूर्व सीएम चन्नी पटियाला में उनके घर मिलने पहुंचे। 

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Channi met with suspended former MLA Madanlal Jalalpur
चरणजीत चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब कांग्रेस में बगावत बढ़ती जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर छिड़ा विवाद और विरोध अब बैठकों से निकलकर पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों तक पहुंच गया है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के समर्थकों ने वड़िंग के खिलाफ खुला मोर्चा छेड़ दिया है। इसके चलते वड़िंग पर अब कुर्सी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। 
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उधर, इस बगावत पर हाईकमान की चुप्पी से भी चन्नी गुट के नेताओं की नाराजगी और बढ़ गई है। इस पूरे प्रकरण में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल की स्थिति भी असहज हो गई है क्योंकि नाराज नेताओं की नाराजगी दूर किए बिना ही उन्होंने नौ दिन का चुनाव अभियान हर बूथ-कांग्रेस मजबूत शुरू कर दिया है। 31 जुलाई को शुरू हुए इस अभियान के पहले दिन ही पूर्व सीएम चन्नी समेत उनके गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्यक्रम से किनारा कर लिया था। दूसरे दिन ये कार्यक्रम पटियाला और संगरूर में आयोजित हुआ मगर वहां वो हुआ जिसकी अपेक्षा कांग्रेस को बिल्कुल नहीं थी।
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वड़िंग और बघेल के सामने चन्नी गुट के समर्थकों ने चन्नी के जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए जबकि संगरूर में तो वड़िंग और चन्नी गुट के समर्थक भिड़ गए और उनमें कुर्सियां तक चलीं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दोनों जिलों में हंगामे की सूचना राहुल गांधी तक पहुंच गई है और पंजाब के कांग्रेसी अब इस बगावत के बीच हाईकमान के फैसले व हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं।
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कार्यक्रमों की टाइमिंग पर सवाल
कांग्रेस की ओर से पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने की टाइमिंग पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। चन्नी गुट के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि हाईकमान इस बगावत से भली भांति परिचित है। इस विवाद को खत्म किए बिना आखिरकार चुनावी अभियान क्यों शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में संसद का सत्र चल रहा है। पंजाब से कांग्रेसी सांसद वहां व्यस्त हैं। 3 अगस्त से पंजाब का मानसून सत्र शुरू होने वाला है, बगावत शांत नहीं हुई है और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इन कार्यक्रमों से किनारा कर रहे हैं, ऐसे में अभी इस चुनावी अभियान को शुरू करने की जल्दबाजी की वजह क्या है ? एक नेता ने बताया कि पंजाब में चुनावी अभियान की शुरुआत एक प्रस्तावित बस यात्रा से होनी थी, जिसे राहुल गांधी ने हरी झंडी दिखानी थी। उसके बजाय प्रभारी बघेल ने अपना ही अभियान शुरू कर दिया है।

निलंबित पूर्व विधायक से मिले चन्नी
बगावत के बीच हाल ही में अनुशासनहीनता के चलते कांग्रेस ने पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को निलंबित कर दिया था। शनिवार को पूर्व सीएम चन्नी पटियाला उनके घर पहुंच गए। हालांकि पटियाला में ही कांग्रेस का चुनावी अभियान संबंधी कार्यक्रम चल रहा था मगर चन्नी वहां न जाकर जलालपुर से मिलने पहुंचे। उन्होंने जलालपुर को आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके साथ है और सभी मिलकर पंजाब में काम करेंगे।

ढिल्लों बोले- भाजपा में जो आए सो राजी होकर जाए
इस गुटबाजी के बीच भाजपा और आम आदमी पार्टी की निगाहें कांग्रेसी नेताओं पर टिकी हैं। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आज नाराज नेताओं को भाजपा में आने का ऑफर देते हुए कहा- भाजपा में जो आए सो राजी होकर जाए। अध्यक्ष ढिल्लों खुद लंबे समय तक कांग्रेस में रह चुके हैं। ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेसी इस वक्त पंजाब की जनता के हकों के लिए नहीं बल्कि कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। चन्नी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, इस सवाल पर ढिल्लों ने कहा कि यह तो चन्नी ही बताएंगे मगर जिनकी सोच भाजपा की विचारधारा से मिलती है, उनका पार्टी में स्वागत है।

पटियाला और संगरूर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का असंतोष बढ़ने के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सभी से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। चन्नी ने पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह कांग्रेस के निष्ठावान और समर्पित नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करे। चन्नी ने कहा कि पार्टी के आपसी मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उछालने के बजाय बातचीत से सुलझाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अनुभवी, जनाधार वाले और संघर्षशील नेताओं की कोई कमी नहीं है। पार्टी नेतृत्व को ऐसे नेताओं का उपयोग पंजाब में संगठन को मजबूत करने के लिए करना चाहिए। चन्नी ने कहा कि ऐसे नेता पार्टी की ताकत होते हैं न कि उन्हें पार्टी के भीतर कमजोर करने की कोशिश की जानी चाहिए। चन्नी ने यह भी कहा कि कांग्रेस में जिन नेताओं को निलंबित कर दिया गया है, उनके विषय में वह प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पार्टी हाईकमान से बात करेंगे। चन्नी ने सभी नेताओं से अपील की कि कोई भी आपस में न उलझें और अनुशासन बनाए रखें।
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