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गुरदासपुर एनकाउंटर: पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था 19 साल का रणजीत, मां की याचिका पर पंजाब व केंद्र को नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:59 PM IST
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सार
दायर याचिका में सुखजिंदर कौर ने अदालत से मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों से अलग एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जांच किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के गुरदासपुर जिले में 19 वर्षीय युवक की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में मृतक की मां सुखजिंदर कौर की याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि पंजाब पुलिस द्वारा की गई मुठभेड़ अवैध, मनमानी और असंवैधानिक है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
दायर याचिका में सुखजिंदर कौर ने अदालत से मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों से अलग एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जांच किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष पड़ताल हो सके। याचिका में यह भी विकल्प दिया गया है कि अदालत चाहे तो इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश भी दे सकती है।
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याचिका के अनुसार रणजीत सिंह (19) पुत्र बिक्रमजीत सिंह निवासी गांव आदिया गुरदासपुर की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। यह घटना गुरदासपुर जिले के पुराना शाला क्षेत्र में हुई बताई गई है। मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 22 फरवरी 2026 को पुलिस थाना दोरांगला में एफआईआर नंबर 18, जबकि 25 फरवरी 2026 को पुलिस थाना बेहरामपुर में एफआईआर नंबर 30 और पुलिस थाना पुराना शाला में एफआईआर नंबर 24 दर्ज की गई।
इन एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 भी लगाई गई है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच के बिना इसे सही नहीं ठहराया जा सकता और मृतक के मौलिक अधिकारों, विशेषकर जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन हुआ है।
सुखजिंदर कौर ने अदालत को बताया कि रणजीत सिंह उनका इकलौता बेटा था और उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने अदालत से अपील की है कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन हुआ हो तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से कथित पुलिस मुठभेड़ों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 1984 से लेकर अब तक ऐसे कई मामलों में अदालतों का दरवाजा खटखटाया गया है।