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किस्मत ऐसे चमकती है: 13 लाख के कर्ज में डूबे किसान की लगी 50 लाख की लाॅटरी, 17 साल से खरीद रहा था टिकट

Mon, 13 Jul 2026 03:50 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा Published by: Nivedita Updated Mon, 13 Jul 2026 03:50 PM IST
सार

65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह पिछले 17 साल से लगातार लॉटरी की टिकट खरीद रहे हैं।उन्हें हमेशा उम्मीद थी कि एक दिन उनकी किस्मत जरूर चमकेगी। आखिरकार भगवान ने उनकी सुन ली और उनकी उम्मीद रंग लाई।
 

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Moga Farmer drowning in debt wins ₹50 lakh lottery buying tickets for 17 years
मोगा के किसान की लगी लाॅटरी - फोटो : संवाद

विस्तार

मोगा के 65 वर्षीय किसान चरणजीत सिंह की किस्मत अचानक चमक गई है। 13 लाख रुपये के कर्ज में डूबे इस किसान ने एक ही दिन में दो लॉटरी जीतकर अपनी जिंदगी बदल ली।

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मोगा शहर के निवासी चरणजीत सिंह एक छोटे किसान हैं, जो खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बचपन से ही उन्हें बोलने में कठिनाई है, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।चरणजीत सिंह पिछले 17 साल से लगातार लॉटरी टिकट खरीद रहे थे, इस उम्मीद में कि एक दिन उनकी किस्मत जरूर बदलेगी। उनका यह इंतजार आखिरकार रंग लाया।

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आखिरी टिकट खरीदी थी

बताया जा रहा है कि पहले उन्हें 20 हजार रुपये की लॉटरी लगी। जब वह इस इनाम की राशि लेने लॉटरी एजेंट के पास पहुंचे, तो एजेंट ने उन्हें पंजाब स्टेट डियर बम्पर की आखिरी बची टिकट खरीदने की सलाह दी।

बिना ज्यादा सोचे उन्होंने 1000 रुपये देकर वह टिकट खरीद ली। कुछ ही समय बाद यह टिकट उनकी जिंदगी बदल गई और उन्होंने 50 लाख रुपये का बड़ा इनाम जीत लिया। यह कहानी न केवल किस्मत के बदलने की है, बल्कि धैर्य और उम्मीद की भी एक मिसाल है।

चार बच्चों के पिता हैं चरणजीत

लॉटरी की टिकट से लखपति बने चरणजीत सिंह बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उनकी किस्मत चमक गई। अब वह अपने कर्ज को चुकाकर बेहतर जीवन जीने की उम्मीद कर रहे हैं।

चरणजीत सिंह के चाचा के बेटे शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि उनके भाई को बचपन से ही बोलने में दिक्कत है। इसके बावजूद चरणजीत सिंह एक बेहद ईमानदार और नेक इंसान हैं। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, और वे खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। 

शमशेर सिंह ने बताया कि चरणजीत सिंह पर करीब 13 लाख रुपये का कर्ज था और उनके पास जमीन भी ज्यादा नहीं थी। लेकिन अब यह जीत उनकी जिंदगी में नई खुशी और राहत लेकर आई है।

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