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पंजाब कांग्रेस में 'स्लीपर सेल' विवाद गहराया: बागी नेताओं का दबाव, हाईकमान के सामने नई चुनौती
Video Desk Amar Ujala Dot Com Published by: Chandra Prakash Neeraj Updated Mon, 13 Jul 2026 04:07 PM IST
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पंजाब कांग्रेस में बगावत के दौरान अब पार्टी में स्लीपर सैल के मुद्दे पर कांग्रेसी नेता आमने-सामने हाे गए हैं। इस वजह से कई वरिष्ठ नेताओं की स्थिति असहज बन गई है। इशारों में ही सही कुछ वरिष्ठ नेताओं ने एक-दूसरे की पार्टी के प्रति वफादारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उधर, पंजाब के बागी नेताओं का उफान बढ़ता जा रहा है, जिसे संभालना अब हाईकमान के लिए चुनौती बन गया है। रूठों को मनाने आए पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल छह दिन के दौरे के बाद वापस चले गए हैं। नाराज नेताओं के साथ उनकी ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर डिप्लोमेसी बेअसर साबित हुई। बघेल नाराज कांग्रेसियों को एकजुट करने में विफल रहे बल्कि इस सारे प्रकरण में 92 हलकों के नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन कर बागी नेताओं का गुट मजबूत होकर उभरा। बघेल बागियों के आश्वस्त कर गए हैं कि वे उनकी बात हाईकमान तक पहुंचा दी जाएगी, ऐसे में अब बागी धड़े को अपनी नाराजगी पर हाईकमान के फैसले या बुलावे का इंतजार है। उधर विधायक परगट सिंह कहते हैं कि हमें उम्मीद है कि हाईकमान नेताओं के मतभेदों को समझते हुए जल्द फैसला लेगा क्योंकि हम पंजाब में जीत के लिए ताकत झोंकने से पहले इस तरह के मतभेदों को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं। कांग्रेस में कई नेता पंजाब, यूपी और हरियाणा भाजपा व आम आदमी पार्टी के नेताओं के संपर्क में हैं और वे उन्हीं के एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। यह मसला कई दिनों से पार्टी के लिए चिंता का विषय बना हुआ था जो कि शनिवार को बघेल की बैठक में उठ गया। पूर्व डिप्टी सीएम एवं सांसद रंधावा ने इस मुद्दे को हवा दी, जिसके बाद सियासत पूरी तरह गरमा गई। प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग को सफाई देते हुए यह कहना पड़ा कि रंधावा ठीक कह रहे हैं, उन्हें भी ऐसी सूचना है कि कुछ नेता भाजपा और आप नेताओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। इस पर प्रभारी बघेल को भी दावा करना पड़ा कि ऐसे स्लीपर सैल के नेताओं को वे पार्टी में रहने नहीं देंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि हाईकमान भी पार्टी की काली भेड़ों को चुनाव से पहले चिह्नित कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना चाहता है।
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