मनभावन खबर: ट्राइसिटी में 48 घंटे बाद दस्तक देगा मानसून, दो से 4 जुलाई तक जमकर बरसेंगे मेघा; मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच विशेष चेतावनी जारी की है। इस दौरान चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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चंडीगढ़ में अगले 48 घंटे में मानसून दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग ने 2 जुलाई से भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मानसूनी बारिश से लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून और 1 जुलाई को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस रहने से रात में भी उमस और गर्मी बनी हुई है।
मौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल ने बताया कि मानसूनी बारिश के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में तापमान में गिरावट आएगी। 30 जून को 40 डिग्री सेल्सियस रहने वाला अधिकतम तापमान 4 जुलाई तक घटकर करीब 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है।
गर्मी ने बिगाड़ा रसोई का गणित, सब्जियों ने दिखाए तीखे तेवर
भीषण गर्मी का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में सब्जियों के दामों में अचानक आई तेजी ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।
कुछ दिन पहले 20 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब कई गुना महंगा हो गया है। आलू, प्याज, भिंडी और शिमला मिर्च समेत कई सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सब्जियों की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गृहिणियों पर पड़ रहा है। सेक्टर-21 निवासी अनीता ने बताया कि टमाटर, भिंडी और शिमला मिर्च के दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पहले करीब 300 रुपये में खरीदी गई सब्जियां पूरे सप्ताह चल जाती थीं, लेकिन अब उतनी ही सब्जियां दो-तीन दिन में खत्म हो जाती हैं। उनका कहना है कि यदि बारिश के बाद भी आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
सेक्टर-26 सब्जी मंडी के व्यापारी विनय कुमार दुबे के अनुसार भीषण गर्मी और लू के कारण खेतों में फसलें प्रभावित हुई हैं। पानी की कमी से उत्पादन घटा है, जिससे मंडियों में सब्जियों की आवक लगभग आधी रह गई है। अत्यधिक तापमान के कारण हरी सब्जियां परिवहन के दौरान भी खराब हो रही हैं, जिससे लागत और बढ़ गई है।
गर्मी के मौसम में सब्जियों के खराब होने की आशंका अधिक रहती है। खेतों से मंडी और मंडी से बाजार तक पहुंचने के दौरान भी काफी मात्रा में सब्जियां खराब हो जाती हैं। इसका सीधा असर बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि पर्याप्त बारिश और आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही दामों में राहत मिलने की उम्मीद है। -राजिंदर कुमार, सचिव मार्केट कमेटी
चंडीगढ़ की मंडी के ताजा भाव (प्रति किलो)
आलू 40
टमाटर 80
प्याज 50
शिमला मिर्च 80
लौकी 60
करेला 50
भिंडी 80